
लखनऊ । बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब (Deep Depression) तेजी से तीव्र होकर चक्रवाती तूफान ‘मुरसु’ (Cyclonic Storm Murasu) में तब्दील हो गया है। हाल ही में आए चक्रवात ‘अरनब’ की तबाही के तुरंत बाद बन रहे इस नए संकट को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आंध्र प्रदेश और इससे सटे उत्तरी तमिलनाडु के तटीय इलाकों के लिए ‘रेड मैसेज’ (चक्रवात की चेतावनी) जारी कर दी है।
भारत की ओर से प्रस्तावित इस चक्रवात का नाम ‘मुरसु’ रखा गया है, जिसका तमिल भाषा में अर्थ ‘युद्ध का नगाड़ा’ (War Drum) होता है।
सोमवार सुबह तक ‘गंभीर चक्रवात’ में बदलने की आशंका
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, रविवार को चक्रवात में बदलने के बाद यह सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल इसमें 75 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार (2 नवंबर) की सुबह तक यह और अधिक ताकतवर होकर ‘गंभीर चक्रवाती तूफान’ (Severe Cyclonic Storm) का रूप ले लेगा।
कब और कहाँ होगा लैंडफॉल?
IMD द्वारा जारी ट्रैक के अनुसार, तूफान के आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की संभावना है:
- समय: 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर 2026 की तड़के सुबह के बीच (अनुमानित समय रात 11:30 बजे से सुबह 04:00 बजे तक)।
- स्थान: यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और नरसापुर (बापटला के पास) के बीच तटीय क्षेत्र को पार करेगा।
- रफ्तार: लैंडफॉल (तट से टकराने) के दौरान तटीय इलाकों में 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं, जिनकी अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
तीन राज्यों में हाई अलर्ट, सुरक्षा तैयारियां तेज
- आंध्र प्रदेश: मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री खुद रख रहे नजर
तूफान के सीधे निशाने पर होने के कारण आंध्र प्रदेश के पांच तटीय जिलों—कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और एसपीएसआर नेल्लोर में 2 नवंबर के लिए अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया है और अमरावती से आपदा प्रबंधन की कमान संभाल रहे हैं। तेलंगाना सीमा से सटे जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। - ओडिशा: भूस्खलन वाले इलाकों से निकासी शुरू
ओडिशा सरकार ने दक्षिणी जिलों में संभावित भारी तबाही को देखते हुए निचले और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने गजपति, गंजम, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। - तमिलनाडु: प्रशासनिक अमला स्टैंडबाय पर
उत्तरी तमिलनाडु और चेन्नई सहित तटीय जिलों के जिलाधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 48 घंटों में इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की अपील: समुद्र से दूर रहें
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF और SDRF) की टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और तटीय निवासियों को सुरक्षित पक्के मकानों में रहने की सलाह दी है। भारी जलभराव, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते लोगों से घरों के भीतर रहने और आपातकालीन नंबरों को नोट रखने की अपील की गई है।







































