
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। राजधानी लखनऊ के साथ अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम की गंभीर स्थिति और भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए लखनऊ, अयोध्या और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में जिलाधिकारी ने शनिवार को कक्षा 12 तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित रखने का आदेश दिया है।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि लखनऊ में पिछले कुछ घंटों से खराब मौसम और बारिश की स्थिति बनी हुई है। साथ ही मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसे देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 26 सितंबर को स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लागू होगा आदेश
यह आदेश लखनऊ के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगा। इसके दायरे में कक्षा 12 तक संचालित सभी संबंधित विद्यालय आएंगे। आदेश के मुताबिक राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में 26 सितंबर को पढ़ाई नहीं होगी। इसके अलावा विभिन्न बोर्डों से मान्यता प्राप्त और संचालित विद्यालयों पर भी यह आदेश लागू रहेगा। यानी ICSE, CBSE और अन्य बोर्डों से संचालित स्कूलों को भी जिलाधिकारी के आदेश का पालन करना होगा।
जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश
प्रदेश में बदलते मौसम और भारी बारिश, आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता
लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।
बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी
आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर
राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।










































