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	<title>News Floor</title>
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		<title>किछौछा दरगाह का 640 वां गुस्ल मुबारक : डीएम अनुपम शुक्ल व एसपी अभिजित आर शंकर का प्रयास रंग लाया, एसडीएम टांडा की हो रही सराहना, एसओ बसखारी ने भी की कड़ी मशक्कत, देश के जायरीनों ने कहा : शुक्रिया जिला प्रशासन</title>
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		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 04:56:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 11 अप्रैल, 2026नौशाद खां अशरफी/अकरम वसीम “सोनू”जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल, पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर गुस्ल मुबारक के मद्देनजर लगातार दो दिनों तक किछौछा दरगाह में कैंप किए रहे। असुविधारहित माहौल में सभी कार्यक्रम संपन्न कराने में डीएम व एसपी का प्रयास काफी रंग लाया। ये जिला प्रशासन की कोशिशों का ही परिणाम थ कि [&#8230;]]]></description>
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<p>अंबेडकरनगर। 11 अप्रैल, 2026<br>नौशाद खां अशरफी/अकरम वसीम “सोनू”<br>जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल, पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर गुस्ल मुबारक के मद्देनजर लगातार दो दिनों तक किछौछा दरगाह में कैंप किए रहे। असुविधारहित माहौल में सभी कार्यक्रम संपन्न कराने में डीएम व एसपी का प्रयास काफी रंग लाया। ये जिला प्रशासन की कोशिशों का ही परिणाम थ कि सभी कार्यक्रम बहुत ही खुशनुमा माहौल में संपन्न हुए।<br>गुस्ल मुबारक के मुख्य दिवस गुरुवार रात को करीब एक घंटे तक जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक अपने मातहतों के साथ दरगाह में रुके रहे। डीएम व एसपी ने इंतेजामिया कमेटी कार्यालय में प्रशासन के तरफ से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे यूनिट का भी निरीक्षण किया। पवित्र तालाब नीर शरीफ के तट के चारों ओर भ्रमण कर इन दोनों अहलकारों ने आए हुए देश भर के कुछ जायरीनों से वार्ता कर उनकी समस्याएं भी पूछीं। डीएम व एसपी दरगाह के आस्ताने पर भीड़ में जाकर कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। दरगाह आगमन के दौरान सै. खलीक अशरफ ने ऐतिहासिक सलामी गेट से लेकर मलंग गेट तक मुख्य संपर्क मार्ग को डेढ़-डेढ़ फिट चौड़ा करने का अनुरोध किया। इस पर डीएम का काफी सकारात्मक दिखे। डीएम और एसपी के आगमन के दौरान एएसपी पश्चिमी हरेंद्र कुमार, सीओ सिटी नीतीश कुमार, एसडीएम टांडा डा. शशि शेखर, सै. फैजान अहमद चांद समेत अन्य मौजूद रहे। उर्स मेला सकुशल निपटने पर सै. खलीक अशरफ व सै. फैजान अहमद चांद ने जिला प्रशासन का शुक्रिया अदा किया है।<br>एसडीएम टांडा की हो रही सराहना : स्थानीय तहसील के एसडीएम डा. शशि शेखर ने गुस्ल मुबारक के मुख्य दिवस गुरुवार रात को दरगाह के मुख्य मार्ग पर फैला कर सामान रखने वाले दुकानदारों को पहले समझाया और रास्ते में अवरोध उत्पन्न न करने का आग्रह किया। जब एसडीएम को देख कर दुकानदार सकते में आ गए और अपने जरूरी सामानों को उठा पाने में तुरंत असहज महसूस कर रहे थे। त्योंही एसडीएम ने मार्ग पर रखे गए सामानों को दुकानदारों के साथ मिल कर उठाया। एसडीएम ने यहां तक कि अपने हाथों से दुकानदारों के मेज व टेबल तक को उठाया। उधर, बसखारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय ने भी जायरीनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिले के कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ कड़ी मेहनत व मशक्कत करते हुए देखे गए। बसखारी थानाघ्यक्ष ने दरगाह के लाउड स्पीकर से भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लगातार एलान करते देखे गए।</p>
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		<title>सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के 640 वां गुस्ल मुबारक का समापनःः फिजाओं में फैली गुलाब व केवड़ा जल की खुशबू</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10099</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Apr 2026 04:42:23 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 11 अप्रैल, 2026अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां दो दिवसीय सालाना गुस्ल मुबारक शुक्रवार भोर में संपन्न हो गया। इस मौके पर देश में खुशहाली, विश्व शांति के लिए दुआएं मांगी गई। गुस्ल के मौके पर दरगाह की फिजाओं में गुलाब व केवड़ा जल की खुशबू [&#8230;]]]></description>
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<p>अंबेडकरनगर। 11 अप्रैल, 2026<br>अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां दो दिवसीय सालाना गुस्ल मुबारक शुक्रवार भोर में संपन्न हो गया। इस मौके पर देश में खुशहाली, विश्व शांति के लिए दुआएं मांगी गई। गुस्ल के मौके पर दरगाह की फिजाओं में गुलाब व केवड़ा जल की खुशबू उड़ती रही। कार्यक्रम का समापन होते ही देश के विभिन्न प्रांतो-शहरों से आए हुए जायरीनों/श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों को लौटना शुरू कर दिया है।<br>किछौछा दरगाह के आस्ताने पर गुस्ल मुबारक के मद्देनजर विशेष जलसा गुरुवार रात 9 बजे से शुरू हुआ। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए मौलानाओं, ओलमाओं समेत वक्ताओं ने जलसे को संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने अपने संबोधन में प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की विश्व शांति, मानवता व इंसानी हमदर्दी को समर्पित उनके जीवन पर विस्तार से रोशनी डाली। नातखांओं व शायरों ने नबी की शान में नातिया कलाम और हजरत मखदूम अशरफी शान में कसीदे पढ़े। गुरुवार देर रात को जलसे का समापन हुआ। गुस्ल मुबारक के विशेष जलसे के अंत में सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ की मौजूदगी में जानशीन सै. मोहामिद अशरफ उर्फ शारिक मियां ने आए हुए जायरीनों और मुल्क की खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी। भोर में करीब तीन दरगाह का गेट खोला गया। इसके बाद सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व सै. मोहामिद अशरफ “ शारिक मियां ” तथा खानवादए अशरफिया के लोगों ने पहुंच कर सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक ( समाधि ) को 40 घड़ा केवड़ा व गुलाब जल से गुस्ल कराया। हजारों जायरीनों ने ऐतिहासिक दरगाह की दीवारों पर गुलाब व केवड़ा जल से छिड़काव किया। जिससे चारों ओर फिजाओं में खुशबू फैल गई। इंतेजामिया कमेटी के तरफ से जायरीनों में गुस्ल मुबारक का जल प्रसाद के तौर पर बांटा गया। शुक्रवार की साप्ताहिक जुमे की विशेष नमाज दरगाह की सभी मस्जिदों में अदा की गई। नमाज के बाद संदलपोशी और गुलपोशी की रस्म को अंजाम दिया गया। गुस्ल मुबारक के विविध कार्यक्रमों में सै. अजीज अशरफ, सै. मेराज अशरफ एडवोकेट, बदीउद्दीन अशरफ, सै. खलिक अशरफ, डा. सै. शहाब अशरफ समेत अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><img fetchpriority="high" decoding="async" width="1024" height="563" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/33-1024x563.jpg" alt="" class="wp-image-10101" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/33-1024x563.jpg 1024w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/33-300x165.jpg 300w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/33-768x423.jpg 768w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/33.jpg 1034w" sizes="(max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></figure>
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		<title>“एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरा : …शान हरगिज घट न पाए अपने हिन्दुस्तान की ! इंडो-नेपाल मुशायरा का दिया गया नाम</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10095</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 14:35:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026जिले के हंसवर क्षेत्र के भूलेपुर बाजार में सोमवार की रात “एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया हुआ। इंकलाबी शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी, अबूसाद इलाही और हकीम इरफान आजमी के संयुक्त संयोजन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. फिरोज अख्तर के संरक्षण व चांदनी [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026<br>जिले के हंसवर क्षेत्र के भूलेपुर बाजार में सोमवार की रात “एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया हुआ। इंकलाबी शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी, अबूसाद इलाही और हकीम इरफान आजमी के संयुक्त संयोजन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. फिरोज अख्तर के संरक्षण व चांदनी मुस्कान की निगरानी में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफ़िज महबूब आलम की व सितारे उर्दू एवार्ड से सम्मानित शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने संचालन किया।<br>मुख्य अतिथि बसखारी ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह ने शमा रोशन कर मुशायरे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू भाषा ने हमेशा मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम दिया है। शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि देश की आजादी में उर्दू भाषा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।<br>बीती रात 10 बजे से ऑल इंडिया कवि सम्मेलन व मुशायरा शुरू हुआ। सुबह चार बजे कार्यक्रम संपन्न हुआ। महाराष्ट्र से आईं मशहूर शायरा चांदनी मुस्कान ने अशआर पढ़ा कि वतन से मोहब्त का इजहार कुछ इस तरह किया, शान हरगिज घट न पाए अपने हिन्दुस्तान की, है तमन्ना हर घड़ी यह चांदनी मुस्कान की। नेपाल से आए इंटरनेशनल शायर फैयाज फैजी ने भारत-नेपाल के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देते हुए अपनी शायरी पढ़ी कि दिल हथेली पे जान लाया हूं, बेशकीमती सामान लाया हूं, मुझको भी दे दो प्यार ऐ लोगों और तेरे हिंदुस्तान आया हूं। इस शायरी को लोगों ने खूब शाबाशी दी और आह-वाह कहते हुए नजर आए। अहमद हाशिम मालेगांव, झारखंड की शायरा रौशन हबीबा रोशनी, इंकलाबी शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी ने भी अपने प्रभावशाली शायरी से समां बांध दिया।<br>इसके अलावा हकीम इरफान आजमी, हसन सईद जलालपुरी, अहमद अयाज जलालपुरी, अकरम भूलेपुरी, अबूसाद इलाही, शाद अकबरपुरी, हलचल टांडवी, शगुफ्ता लखनवी, हसन वारसी किछौछवी, साहिल मुबारकपुरी, एहतेशाम चिरैयाकोट, सुम्मुन टांडवी, इंसाफ टांडवी, अहमद सईद टांडवी, दिल सिकंदरपुरी, मतलूब टांडवी, शाहान भूलेपुरी, राहत नवाज़ भूलेपुरी, अव्वल परवाना, रूमी, हाफिज अनस समेत अन्य शायरों व कवियों ने भाईचारे, मोहब्बत और देशभक्ति की अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। पूर्व विधायक पुत्र मुसाब अजीम, समीउल्लाह सिद्दीकी, तारिक अनवर, कलीमुल्ला अरशद अंसारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।<br>इंडो-नेपाल मुशायरा का दिया गया नाम<br>नौशाद खां अशरफी<br>अंबेडकरनगर।<br>भूलेपुर बाजार में “एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” ऑल इंडिया कवि सम्मेलन व मुशायरा की महफिल सजाने के लिए मशहूर शायरा चांदनी मुस्कान महाराष्ट्र का योगदान काफी सराहनीय रहा। चांदनी मुस्कान की ही कड़ी मेहनत व कोशिशों का ही परिणाम था कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय शायर फैयाज फैजी यहां के मुशायरे में खींचे चले आए। शायर फैयाज फैजी के सहभागिता करने के कारण ही इस मुशायरे को इंडो-नेपाल मुशायरा का भी नाम दिया गया। शायर फैयाज फैजी का कहना है कि उम्मीद करता हूं कि आने वाले वक्त में भारत के शायर नेपाल में जा कर वहां के मुशायरों में अपनी फन का मुजाहिरा करेंगे और नेपाल के अन्य शायर व कवि भारत में आकर इस तरह के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। फैयाज फैजी ने यह भी कहा कि भारत शुरू से ही अपने पड़ोसी देश नेपाल का खास ख्याल रखता रहा है। दोनों देशों के मुशायरों में दोनों राष्ट्रों के शायरों के शामिल होने से भारत-नेपाल के सांस्कृतिक रिश्तों में और मजबूती मिलेगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="333" height="469" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/Photo-Faiyaz-Faizi-Nepal.jpg" alt="" class="wp-image-10097" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/Photo-Faiyaz-Faizi-Nepal.jpg 333w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/Photo-Faiyaz-Faizi-Nepal-213x300.jpg 213w" sizes="(max-width: 333px) 100vw, 333px" /></figure>
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			</item>
		<item>
		<title>हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज के नए प्रबंधक ने समारोहपूर्वक पदभार किया ग्रहण, 1954 से अस्तित्व में आया यह इंटर कालेज, इस कालेज ने दिए कई आईएएस व आईपीएस</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10091</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 08 Apr 2026 11:34:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रेणी के बिना]]></category>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026अभिषेक शर्मा राहुलजिले के प्रतिष्ठित विद्यालय श्री हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज किछौछा के नवनियुक्त प्रबंधक चंदन जायसवाल ने मंगलवार को समारोहपूर्वक अपना पदभार ग्रहण किया। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य शर्तेंदु कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक समारोह का आयोजन कर शिक्षकों, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारीयो समेत प्रबंध समिति के सदस्यों ने [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026<br>अभिषेक शर्मा राहुल<br>जिले के प्रतिष्ठित विद्यालय श्री हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज किछौछा के नवनियुक्त प्रबंधक चंदन जायसवाल ने मंगलवार को समारोहपूर्वक अपना पदभार ग्रहण किया। विद्यालय परिसर में प्रधानाचार्य शर्तेंदु कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एक समारोह का आयोजन कर शिक्षकों, विद्यालय प्रबंध समिति के पदाधिकारीयो समेत प्रबंध समिति के सदस्यों ने माल्यार्पण कर नवनियुक्त प्रबंधक का स्वागत किया।<br>छह मार्च को तत्कालीन प्रबंधक सर्वजीत लाल जायसवाल के निधन के बाद विद्यालय के उपप्रबंधक चंदन जायसवाल को प्रबंधक नियुक्त किया गया था। चंदन जायसवाल बीएससी, बीपीएड तक की शिक्षा प्राप्त कर विगत 10 वर्षों से विद्यालय में उप प्रबंधक के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे थे। प्रधानाचार्य शर्तेंदु कुमार गुप्ता नव नियुक्त प्रबंधक का स्वागत करते हुए कहा कि चंदन जायसवाल ने विद्यालय के उपप्रबंधक रहते हुए विद्यालय को निरंतर आगे ले जाने में अपनी महती भूमिका निभाई है।<br>1954 से अस्तित्व में आया यह इंटर कालेज<br>अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026<br>जिले के किछौछा निवासी वासुदेव राम साव ने सन् 1954 में श्री हीरालाल जायसवाल इंटर कॉलेज की स्थापना की। आरंभ के दो वर्षों में यह हायर सेकेंडरी के रूप में चला। 1956 में इस विद्यालय को इंटरमीडिएट के रूप में मान्यता मिली। कला संकाय व विज्ञान संकाय के साथ तत्कालीन फैजाबाद जिले में यह विद्यालय एक अपनी अलग प्रतिष्ठा रखता था। विद्यालय अपनी स्थापना से अपने पठन-पाठन और अनुशासन के लिए मशहूर रहा। लोहिया संस्थान लखनऊ के पूर्व निदेशक डॉ. अनिल कुमार तिवारी, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में रेडियोलोजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, पूर्व आईएएस अधिकारी स्व. सुरेंद्र कुमार वर्मा, स्वास्थ्य निदेशालय में निदेशक डा. राजेश कुमार, बसखारी के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव समेत अन्य लोग इसी विद्यालय के मेधावी छात्र रहे हैं।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img decoding="async" width="559" height="341" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/3-rotated.jpg" alt="" class="wp-image-10093" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/3-rotated.jpg 559w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/04/3-300x183.jpg 300w" sizes="(max-width: 559px) 100vw, 559px" /></figure>
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			</item>
		<item>
		<title>हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार पर चढ़ाई चादर, मांगी गई दुआएं</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10088</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 07 Apr 2026 14:22:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रेणी के बिना]]></category>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 07 अप्रैल, 2026इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व न्यायमूर्ति ( लखनऊ बेंच ) इरशाद अली ने शनिवार देर शाम को अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में पहुंच कर सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की जियारत की। इस मौके पर उन्होंने मजार मुबारक पर मखमली चादर चढ़ाई और अकीदत के फूल गुलाब व खुशबू के [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अंबेडकरनगर। 07 अप्रैल, 2026<br>इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश व न्यायमूर्ति ( लखनऊ बेंच ) इरशाद अली ने शनिवार देर शाम को अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में पहुंच कर सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की जियारत की। इस मौके पर उन्होंने मजार मुबारक पर मखमली चादर चढ़ाई और अकीदत के फूल गुलाब व खुशबू के तौर पर इत्र वगैरह पेश किया।<br>जियारत के दौरान खानवादए अशरफिया के सै. खलीक अशरफ ने न्यायधीश व न्यायमूर्ति इरशाद अली के हक में तथा मुल्क में अमन व शांति के लिए दुआएं मांगी। यहां के परंपरा के अनुसार आए हुए अतिथि न्यायाधीश व न्यायमूर्ति के सिर पर दरगाह की चादर की पगड़ी बांध कर गर्मजोशी से उनका इस्तकबाल किया गया। वे करीब आधे घंटे तक यहां रुके हुए थे और दरगाह से जुड़े हुए लोगों से महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं। हाईकोर्ट के न्यायाधीश और न्यायमूर्ति के आगमन के दौरान एसडीएम, सीओ सिटी नीतिश कुमार, बसखारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय, किछौछा चौकी इर्चाज कमलेश कुमार यादव समेत अन्य पुलिस व प्रशासनिक अहलकार सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए थे। उनके आगमन के दौरान सै. फैजान अहमद चांद, सै. खलीक अशरफ, सईद मुजाविर समेत अन्य प्रमुख लोग मौजूद रहे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां गुस्ल मुबारक 9 और 10 अप्रैल को</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10085</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:21:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रेणी के बिना]]></category>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 30 मार्च, 2026अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में आगामी 9 अप्रैल से सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां सालाना दो दिवसीय गुस्ल मुबारक का आयोजन शुरू होगा। 10 अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा। गुस्ल मुबारक के दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दरगाह में भारत के विभिन्न प्रांतों-शहरों से [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>अंबेडकरनगर। 30 मार्च, 2026<br>अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में आगामी 9 अप्रैल से सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां सालाना दो दिवसीय गुस्ल मुबारक का आयोजन शुरू होगा। 10 अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा। गुस्ल मुबारक के दो दिवसीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दरगाह में भारत के विभिन्न प्रांतों-शहरों से अकीदतमंदों/जायरीनों के आगमन का क्रम जारी है।<br>बताया गया कि 9 अप्रैल गुरुवार रात 10 बजे से दरगाह के आस्ताने पर गुस्ल मुबारक के मद्देनजर विशेष जलसा शुरू होगा। यह जलसा 10 अप्रैल यानी शुक्रवार तड़के तीन बजे तक चलेगा। जलसे के समापन के बाद भोर में करीब चार बजे सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ व फखरुल मशायख सै. मोहामिद अशरफ “ शारिक मियां ” खानवादए अशरफिया के लोगों के साथ सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक को 40 घड़ा गुलाब व केवड़ा जल से गुस्ल देंगे। गुस्ल के बाद गुस्ल मुबारक का पवित्र जल जायरीनों में बांटा जाएगा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>किछौछा नगर में तीन दिवसीय सहजयोग कार्यक्रम का समापन, निकली शोभायात्रा, 5 हजार लोगों ने की सहभागिता, बसखारी पुलिस के तरफ से सुरक्षा के व्यापक इंतेजाम</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10079</link>
		
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		<pubDate>Sun, 29 Mar 2026 13:56:54 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 29 मार्च, 2026नौशाद खां अशरफी/अभिषेक शर्मा राहुलकिछौछा नगर पंचायत क्षेत्र के आशीर्वाद मैरेज हॉल में तीन दिवसीय सहजयोग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। जिसमें लगभग पांच हजार लोगों ने सहभागिता कर सहजयोग का लाभ प्राप्त किया।खास बात यह है कि किछौछा नगर पंचायत क्षेत्र एवं आसपास के 42 गांवों में सहजयोग कार्यक्रम का [&#8230;]]]></description>
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<p>अंबेडकरनगर। 29 मार्च, 2026<br>नौशाद खां अशरफी/अभिषेक शर्मा राहुल<br>किछौछा नगर पंचायत क्षेत्र के आशीर्वाद मैरेज हॉल में तीन दिवसीय सहजयोग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। जिसमें लगभग पांच हजार लोगों ने सहभागिता कर सहजयोग का लाभ प्राप्त किया।<br>खास बात यह है कि किछौछा नगर पंचायत क्षेत्र एवं आसपास के 42 गांवों में सहजयोग कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। जिसमें कुल मिलाकर लगभग पांच हजार लोगों को आत्मसाक्षात्कार प्रदान किया गया।<br>सहजयोग की शुरुआत परम पूज्य श्री माता जी निर्मला देवी के तरफ से 5 मई 1970 को नरगोई में आत्मसाक्षात्कार खोलकर की गई थी, जो आज विश्वभर में आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बन चुका है।<br>इस कार्यक्रम में पहले से जुड़े सहजयोगियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बलिया, आजमगढ़, मैनपुरी, नोएडा और कानपुर समेत विभिन्न शहरों से आए सहजयोगियों ने गांव-गांव जाकर लोगों को आत्मसाक्षात्कार प्रदान किया।<br>कार्यक्रम के अंतिम दिन 29 मार्च रविवार को गोलपुर से किछौछा बाजार तक शोभा यात्रा निकाली गई। इस दौरान मुखराम जी की टीम ने भजनों के माध्यम से कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया। बसखारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय के तरफ से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के इंतेजाम किए गए थे।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="779" height="971" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/Photo-KICHHAUCHHA.jpg" alt="" class="wp-image-10082" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/Photo-KICHHAUCHHA.jpg 779w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/Photo-KICHHAUCHHA-241x300.jpg 241w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/Photo-KICHHAUCHHA-768x957.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 779px) 100vw, 779px" /></figure>
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		<title>जाग उठा शैतान : डोनाल्ड ट्रंप का 5 दिन का युद्ध विराम निकला झूठ, फरेब और छलावा, नए हमले का सीक्रेट प्लान हो गया है लीक, ईरान भी जुटा टक्कर देने की तैयारी में, आने वाले 2 से 3 या 4 दिन पूरी दुनिया के लिए होंगे बेहद अहम, कोरोना काल जैसे बन सकते हैं हालात</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 20:52:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[लखनऊ/नई दिल्ली। 25 मार्च, 2026नौशाद खां अशरफी/अभिषेक शर्मा राहुलअमेरिका व इजरायल-ईरान युद्ध के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से 5 दिन के लिए युद्ध विराम की घोषणा दरअसल झूठ, फरेब और छलावा ही निकला है। युद्ध विराम का झांसा देकर इन 5 दिनों के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी फौज को ईरान पर एक [&#8230;]]]></description>
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<p>लखनऊ/नई दिल्ली। 25 मार्च, 2026<br>नौशाद खां अशरफी/अभिषेक शर्मा राहुल<br>अमेरिका व इजरायल-ईरान युद्ध के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से 5 दिन के लिए युद्ध विराम की घोषणा दरअसल झूठ, फरेब और छलावा ही निकला है। युद्ध विराम का झांसा देकर इन 5 दिनों के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी फौज को ईरान पर एक बड़े हमले की तैयारी में लगा दिया है। बड़े हमले से जुड़ी एक सीक्रेट प्लान जो ट्रंप का था, वह लीक हो गया है। ट्रंप के इस सीक्रेट प्लान के लीक होने से ईरान भी अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में जुट गया है। ऐसा माना जा रहा है कि अब होने वाली जंग में ईरान उन असलहों/ेहथियारों को निकालेगा जिसका अभी तक लड़ाई में उसने इस्तेमाल नहीं किया है।<br>कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन का युद्ध विराम की घोषणा करके ईरान को धोखा देने का काम किया है। उनका मानना है कि एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप युद्ध विराम वार्ता के लिए दिखावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होरमुज तथा ईरान के सबसे बड़े तेल भंडार और निर्यात वाले खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए ही 5 दिनों का फर्जी युद्ध विराम किया है।<br>खास बात यह है कि अमेरिका का जंगी बेड़ा अब्राहम लिंकन, यूएसएस गेराल्ड व और यूएसएस ट्रिपोली जो फारस की खाड़ी से पीछे हटते हुए करीब 1700 किलोमीटर दूर जा चुका थे। अब यह तीनों जंगी बेड़ा धीरे-धीरे फारस की खाड़ी की ओर बढ़ने लगे हैं। स्ट्रेट ऑफ होरमुज के पास पहुंचने में इन तीनों जंगी बेड़ों को कम से कम 5 दिन का समय लगेगा। इसी को ध्यान में रखते ही यही डोनाल्ड ट्रंप ने झांसा देकर 5 दिन का युद्ध विराम का ढोंग रचा है।<br>रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरीके से अमेरिका के एफ 35, बी1 व बी 2 एफ16 लड़ाकू विमानों को ईरान ने मार गिराया है। उसका काट भी अमेरिका ने अब ढूंढ निकाला है।<br>अब ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका अधिक ऊंचाई तक आसमान में उड़ान भरने वाले भारी बम वर्षक विमान बी 52 का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि और ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होरमुज तथा ईरान के सबसे बड़े तेल भंडार और निर्यात वाले खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए अमेरिका समुद्र, जमीन और हवाई मार्ग मतलब तीन तरफ से ईरान के खिलाफ बड़ा हमला करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अमेरिका के इस सीक्रेट प्लान को ईरान ने भांप लिया है। हो सकता है अब ईरान आने वाले दिनों में उन हथियारों का इस्तेमाल करेगा जो अब तक 28 फरवरी से जारी लड़ाई में नहीं किया है।<br>कुल मिलाकर अगले आने वाले 2 से 3 या यूं कहें 4 दिन पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम होंगे। कुछ एक्सपर्ट का यह भी मानना है कि यदि जमीनी लड़ाई हुई तो सैकड़ो हजारों की संख्या में अमेरिकी सैनिक भी मारे जाएंगे।</p>
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		<title>देश के मशहूर सूफी कव्वाल तस्लीम आरिफ ने सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की दरगाह पर हाजिरी दी, गर्मजोशी से हुआ इस्तकबाल</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10069</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 24 Mar 2026 08:42:09 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[किछौछा शरीफ/अम्बेडकरनगर 24 मार्च, 2026नौशाद खां अशरफी/ चिराग शाहदेश-विदेश व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की मुक़द्दस किछौछा दरगाह में भारत के मशहूर कव्वाल हाजी तस्लीम आरिफ ने हाजिरी दी। इस मौके पर दुनिया भर में अपनी रूहानी आवाज़ व बेहतरीन कव्वाली के लिए शोहरत हासिल करने वाले हाजी तस्लीम [&#8230;]]]></description>
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<p>किछौछा शरीफ/अम्बेडकरनगर 24 मार्च, 2026<br>नौशाद खां अशरफी/ चिराग शाह<br>देश-विदेश व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की मुक़द्दस किछौछा दरगाह में भारत के मशहूर कव्वाल हाजी तस्लीम आरिफ  ने हाजिरी दी। इस मौके पर दुनिया भर में अपनी रूहानी आवाज़ व बेहतरीन कव्वाली के लिए शोहरत हासिल करने वाले हाजी तस्लीम  आरिफ ने हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक पर मखमली चादर चढ़ाई, अकीदत के फूल गुलाब व खुशबू के तौर पर इत्र वगैरह पेश किया।  हाजी तस्लीम आरिफ ने मुल्क हिन्दुस्तान की खुशहाली, पूरे विश्व में अमन-चैन व इंसानी हमदर्दी के लिए दुआएं मांगी।<br>मशहूर कव्वाल हाजी तस्लीम आरिफ की यहां आमद पर चिराग शाह, मोहम्मद अयूब और अरमान खान ने अगवानी करते हुए सिर पर चादर की पगड़ी बांध कर उनका गर्मजोशी से इस्तकबाल किया। जियारत के बाद  मशहूर कव्वाल ने बताया कि सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की दरगाह पर जियारत करने के बाद उन्हें काफी सुकून मिला है।  हाजी तस्लीम आरिफ ने यह भी बताया कि वास्तव में किछौछा दरगाह रूहानी इलाज का बहुत बड़ मरकज ( केंद्र ) है। खास बात यह है कि तस्लीम आरिफ भारत में ही नहीं अरब देश समेत पूरे विश्व में सूफी कव्वाली और स्टोरी बेस्ड वाक्या कव्वाली में अपनी खास शोहरत व पहचान के लिए जाने जाते हैं।</p>
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		<title>मुकद्दस रमजान : …..तो आसमान व जमीन के दरम्यिान “मोअल्लक” ( लटका ) रहेगा रोजा !, सदकए फित्र अदा करना जरूरी, किसे कहते हैं मालिके निसाब ?</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10064</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 Mar 2026 17:35:56 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[अंबेडकरनगर। 17 मार्च, 2026नौशाद खां अशरफीसदकए फित्र रोजे की खैरात ( दान ) है। रोजेदार की जुबान से “लग्व” बेहूदा बात निकल जाती है। सदकए फित्र उसका कफ्फारा ( एवज/बदला ) हो जाता है। यानी सदकए फित्र देकर उसका कफ्फारा अदा किया जाता है। ओलमा फरमाते हैं कि हदीस शरीफ में कि इस्लाम धर्म के [&#8230;]]]></description>
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<p>अंबेडकरनगर। 17 मार्च, 2026<br>नौशाद खां अशरफी<br>सदकए फित्र रोजे की खैरात ( दान ) है। रोजेदार की जुबान से “लग्व” बेहूदा बात निकल जाती है। सदकए फित्र उसका कफ्फारा ( एवज/बदला ) हो जाता है। यानी सदकए फित्र देकर उसका कफ्फारा अदा किया जाता है। ओलमा फरमाते हैं कि हदीस शरीफ में कि इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर ने फरमाया कि बंदा का रोजा आसमान व जमीन के दरम्यिन “मोअल्लक” ( लटका ) रहता है जब तक सदकए फित्र अदा न करें। इसलिए रमजान माह में रोजेदारों को सदकए फित्र अदा करना जरूरी है। किछौछा दरगाह के सज्जादानशीन व ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल ओलमा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सै. मोइनुद्दीन अशरफ बताते हैं कि दूसरे लफ्जों में यूं कहें किं सदकए फित्र के जरिए गरीबों की खुराक का इंतजाम हो जाता है। सदकए फित्र ईद के दिन सुबह का दूसरा उजाला ( सुबहे सादिक ) होते ही वाजिब हो जाता है। अगरचे नमाजे ईद से पहले अदा करना सुन्नत है और बहुत अच्छा माना जाता है।<br>किसे कहते हैं मालिके निसाबः- अगर किसी मुसलमान के पास जिंदगी गुजारने के लिए जरूरी चीजें छोड़कर 52.5 तोला चांदी या साढ़े सात तोला सोने की कीमत के बराबर प्रॉपर्टी और रुपया हो तो ऐसे लोगों को मालिके निसाब ( मालदार ) कहा जाता है। ऐसे लोगों के लिए सदकए फित्र व जकात अदा करना जरूरी है।<br>सदकए फित्र की मिकदार ( वजन/मात्रा ) :-<br>सदकए फित्र की मिकदार यह है कि गेहूं या उसका आटा या सत्तू “आधा साअ“ अर्थात 2 किलो 47 ग्राम खजूर, मुनक्का या जौ एक साअ ( चार किलो चौरानबे ग्राम ) मर्द मालिके निसाब पर अपनी व अपने नाबालिग औलाद की तरफ से सदकए फित्र वाजिब है। अगर मानसिक रूप से बालिक/मजनू ( पागल ) औलाद है तो बाप को ही सदका अदा करना पड़ेगा। अगर बालिग मजनू औलाद मालदार है तो उसके माल से ही यह अदा किया जाए। गेहूं, जौ, मुन्नका और खजूर के अलावा किसी दूसरी चीज से फितरा/सदकाए फित्र अदा करना चाहें मसलन चावल वगैरह से तो कीमत का लिहाज करना होगा यानी वह चीज/अनाज वगैरह दो किलो सैंतालिस ग्राम की कीमत की हो।<br>इनको दें जकात सदकए फित्रः-<br>फकीर-जो मालिके निसाब नहीं।<br>मिस्कीन-जसके पास कुछ नहीं।<br>गारीम-जिस पर इतना कर्ज है कि उसे निकलने के बाद निसाब बाकी न रहे।<br>इनको नहीं दे सकते जकात सद़कएं फित्र-बाप, दादा, दादी, मां, नाना, नानी, बेटा, पोता, पोती, बेटी, नवासा, नवासी, हाशमी, सैयद, मियां, बीवी।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><img loading="lazy" decoding="async" width="431" height="422" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/0-1.jpg" alt="" class="wp-image-10066" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/0-1.jpg 431w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2026/03/0-1-300x294.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 431px) 100vw, 431px" /></figure>
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