अंबेडकरनगर। 18 सितंबर, 2026
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह पर शुक्रवार को बहुत ही खुशनुमा माहौल में दो दिवसीय नौचंदी मेले का समापन हो गया। मेले के दौरान दरगाह में काफी रौनक व चहल-पहल देखा गया। हालांकि दो दिवसीय नौचंदी मेला जाम की चपेट में भी रहा। जिससे देश के विभिन्न प्रांतों-शहरों से आए जायरीनों को आवागमन में दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
संयोग से इस बार का नौचंदी मेला 11 वीं के चांद में पड़ा। जिसके फलस्वरूप दिल्ली, कोलकाता, मुंबई व चेन्नई समेत अन्य शहरों, विभिन्न प्रांतों व सूबे के पूर्वांचल समेत भिन्न-भिन्न जनपदों से रेकार्ड संख्या में जायरीनोंध्अकीदतमंदों की आमद हुई। गुरुवार व शुक्रवार सुबह से लेकर देर शाम तक सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक ( समाधि ) पर चादर चढ़ाते और दुआएं मांगते हुए नजर आए। करीब 650 वर्ष पुराने पवित्र तालाब के घाटों पर जायरीन रोगों से मुक्ति पाने के लिए स्नान करते हुए भी नजर आए। खास बात यह है कि इस बार के नौचंदी मेले में किछौछा चुंगी तिराहा, ऐतिहासिक सलामी गेट तिराहा समेत दरगाह जाने वाले प्रमुख मार्गों पर बड़े पैमाने पर जाम की समस्या बनी रही। डग्गामार वाहनों के बेतरतीब ढंग से खड़े होने के कारण कई-कई घंटों तक जाम लगी रही। वहीं, किछौछा दरगाह की नई बस्ती में मुख्य मार्ग पर एक दर्जन डग्गामार वाहन दिन-रात खड़े रहने से भी जायरीनों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। हालांकि बसखारी पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत भी की।











































