हॉर्मुज पर 20% शुल्क की धमकी ली वापस

वॉशिंगटन, 15 जुलाई 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने बदले हुए रुख को लेकर सुर्खियों में हैं। कुछ ही दिन पहले हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की चेतावनी देने वाले ट्रम्प अब अपने बयान से पीछे हट गए हैं। उनके इस नए यू-टर्न के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और तंज की बाढ़ आ गई है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने कहा कि अब जहाजों पर शुल्क लगाने की बजाय खाड़ी देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि यह फैसला खाड़ी देशों के नेताओं से बातचीत के बाद लिया गया है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्हें “फीस लगाने की अवधारणा पसंद नहीं है।”
पत्रकारों ने याद दिलाया पुराना बयान, ट्रम्प बोले- “मैंने ऐसा कब कहा?
जब पत्रकारों ने ट्रम्प को उनके पुराने बयान की याद दिलाई तो उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा कभी नहीं कहा… और अगर कहा भी था, तो उसका संदर्भ अलग था। उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तुरंत वायरल हो गया। एक्स, ट्रुथ सोशल और अन्य प्लेटफॉर्म पर यूजर्स ने ट्रम्प के पुराने और नए बयानों की तुलना करते हुए मीम्स की झड़ी लगा दी। कई लोगों ने उन्हें “यू-टर्न स्पेशलिस्ट” और “रिवर्स गियर प्रेसिडेंट” तक कह डाला।
तनाव के बीच बदला फैसला
ट्रम्प का यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। बीती रात दोनों देशों के बीच फिर हमले हुए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे टैंकरों को निशाना बनाया, जिसमें दो चालक दल के सदस्यों की मौत हो गई। वहीं ईरान ने बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले करने का दावा किया है।
पहले भी कई बार पलट चुके हैं ट्रम्प
यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प अपने पुराने रुख से पलटे हों। उनके राजनीतिक करियर में ऐसे कई बड़े यू-टर्न देखने को मिले हैं।
1. बिटकॉइन से ‘स्कैम’ से ‘क्रिप्टो प्रेसिडेंट’ तक
एक समय ट्रम्प ने बिटकॉइन को “स्कैम” बताया था। बाद में उन्होंने खुद को “क्रिप्टो प्रेसिडेंट” कहना शुरू कर दिया और डिजिटल एसेट्स के समर्थन में खुलकर बोलने लगे।
2. टिकटॉक पर बदला रुख
राष्ट्रपति रहते हुए ट्रम्प ने टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी। बाद में उन्होंने खुद टिकटॉक का इस्तेमाल शुरू किया और उसके खिलाफ सख्ती के बजाय अलग रुख अपनाया।
3. विरोधियों को बनाया करीबी
जे.डी. वेंस समेत कई नेता, जो कभी ट्रम्प के कटु आलोचक थे, बाद में उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल हो गए।
रणनीति या राजनीतिक मजबूरी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रम्प का बार-बार रुख बदलना उनकी चुनावी और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हो सकता है। समर्थकों का कहना है कि वे परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेते हैं, जबकि आलोचक इसे अवसरवादी राजनीति बताते हैं। फिलहाल हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ट्रम्प के इस नए यू-टर्न ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है। अब सवाल यही है कि क्या यह उनका अंतिम फैसला है या आने वाले दिनों में ट्रम्प एक और नया राजनीतिक यू-टर्न लेते नजर आएंगे।




































