अंबेडकरनगर। 09 जुलाई, 2026
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ का 640 वां वार्षिक उर्स गुरुवार शाम से परचम कुशाई ( झंडारोहण ) के साथ शुरू हो गया। ढोल-नगाड़ों की धुनों के बीच दरगाह के सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ अशरफीउल जिलानी ने अपने खानवादए अशरफिया के लोगों के साथ ऐतिहासिक मलंग गेट के पास झंडारोहण कर सालाना उर्स का आगाज किया।
ऐतिहासिक मलंग गेट के पास उर्स का आगाज करने पहुंचे मुख्य रूप से सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, एआईसीसी सदस्य मेराजुद्दीन किछौछवी,, सै. इंतेजामिया कमेटी के प्रमुख सदस्य सै. अजीज अशरफ, सै. फैजान अहमद चांद, मेराज अशरफ एडवोकेट, अल्हाज सै. अकिल अशरफ समेत अन्य लोगों का फूलों का सेहरा पहना कर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। परचम कुशाई के बाद मलंग गेट से सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ आस्ताने के लिए रवाना हुए। मलंग शाह के जानशीन मो. आलम शाह पुत्र गनीदार शाह की अगुआई में देश भर से आए फोकरा बुलंद आवाज में नारे लगाते हुए चल रहे थे।
इस मौके पर नातखां परवेज आलम किछौछवी ने अशरफी तराना, मनकबत व सलातो सलाम पेश किया। परचम कुशाई के साथ हुए उर्स के आगाज के दौरान मुल्क की खुशहाली व देश भर जायरीनों के लिए दुआएं मांगी। इस दौरान सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक ( समाधि ) चादर चढ़ाई गई। उर्स के आगाज में सै. खलीक अशरफ, यहिया अशरफ, फहद अशरफ, खादिम कमेटी के अध्यक्ष फिरोज खां, लल्लू खादिम, लड्डू खादिम, माहे आलम खादिम, अकरम वसीम समेत अन्य मौजूद रहे।










































