अंबेडकरनगर। 21 जून 2026
प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह में मोहर्रम के रात्रि जुलूस में शामिल होने के लिए देशभर के करीब 80 हजार से लेकर एक लाख तक जायरीनों ने डेरा डाल रखा है। जिससे दरगाह में काफी रौनक व चहल-पहल देखी जा रही है।
किछौछा दरगाह में तीन मोहर्रम ( 19 जून ) से अलम, निशान व चैकी के जुलूस का सिलसिला जारी है। हर रोत रात 9 बजे दरगाह के आस्ताने से मोहर्रम का रात्रि जुलूस निकलता है। आस्ताना, ऐतिहासिक मलंग गेट, गौसिया मस्जिद मार्ग होते हुए अंत में जुलूस का काफिला प्राचीन सलामी गेट के पास स्थित चैक पर पहुंचता है। यहां चैक पर ही जुलूस का हर रोज समापन भी होता है। खास बात यह है कि किछौछा दरगाह के मोहर्रम के जुलूस में एक लाख जायरीनों में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं शामिल होती हैं। मान्यता है कि मोहर्रम के जुलूस में शामिल होने से भूत, प्रेत, मानसिक रोगी समेत विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को रोगों से छुटकारा मिलती है। यही कारण है कि किछौछा के जुलूस में शामिल होने के लिए देश भर से लोगों का मजमा उमड़ पड़ता है। उधर, सीओ सिटी नीतिश कुमार, बसखारी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह मय पुलिस बल के जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहते हैं। दरगाह इंतेजामिया कमेटी के प्रमुख सै. अजीज अशरफ उर्फ अजीज मियां ने बताया कि 10 मोहर्रम को मोहर्रम के जुलूस का समापन होगा। जिसकी तैयारियां की जा रही हैं।









































