अंबेडकरनगर। 04 अगस्त, 2026
प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह पर मोहर्रम के चेहल्लुम की बड़ी ताजिया मंगलवार देर शाम को प्राचीन तालाब के तट पर सुपुर्दे खाक किया गया। इस मौके पर बसखारी, किछौछा नगर की ताजिया व आसपास की छोटी-बड़ी मनौती वाली सभी ताजियों को दफना दिया गया। चेहल्लुम के जुलूस में देश के भिन्न-भिन्न प्रांतों व शहरों से आए करीब एक लाख जायरीनों ने शिरकत की। इसके साथ ही दो दिवसीय चेहल्लुम के जुलूस का समापन भी हो गया।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे स्थानीय कर्बला मैदान के चैक पर दर्शन के लिए चेहल्लुम की ताजिया रखी गई। यहीं पर कर्बला मैदान में दिल्ली, कोलकाता, मुंबई व चेन्नई समेत विभिन्न शहरों व कई प्रांतों के करीब एक लाख अकीदतमंदों ने ताजिया पर फूलों का सेहरा चढ़ा कर परेशानियों से मुक्ति पानें के लिए दुआएं मांगी। शाम छह बजे सज्जदानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, कमेटी के प्रमुख सदस्य सै. अजीज अशरफ कर्बला के चैक पर ताजिया के पास पहुंच कर दुआएं मांगी। इसके बाद स्थानीय कर्बला से ताजियों के उठने का सिलसिला शुरू हुआ। सलामी गेट के पास स्थित चैक पर यह ताजिया रखी गई। ऐतिहासिक सलामी गेट, गौसिया मस्जिद मार्ग, मलंग गेट होते हुए चेहल्लुम के जुलूस का काफिया दरगाह पर पहुंचा। रात्रि करीब आठ बजे साढ़े छह सौ साल पुराने पवित्र तालाब के किनारे दरगाह, बसखारी समेत सभी ताजियों को दफनाया गया। चेहल्लुम के कार्यक्रम में खलीक अशरफ भी मौजूद रहे। उधर, बसखारी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह पुलिस फोर्स व पीएसी बल को लेकर चाक-चैबंद सुरक्षा व्यवस्था में लगे रहे।



































