राज्य मुख्यालय, लखनऊ। 27/28 जुलाई, 2026
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व संसदीय कार्यमंत्री आजम खां से जुड़े़ जौहर विश्वविद्यालय के मामले में बड़ी अपडेट सामने आई है। जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण आदेश पर फिलहाल रोक लग गई है। मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई पूरी होने तक यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
कमिश्नर कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल जौहर विश्वविद्यालय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। कोर्ट के आदेश से आजम खां और विश्वविद्यालय पक्ष को तत्काल राहत मिली है। हालांकि, यह राहत फिलहाल अंतरिम है और मामले का अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें और पक्ष कोर्ट के सामने रखा गया। कोर्ट ने फिलहाल ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। अब मामले में दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मुरादाबाद कमिश्नर कोर्ट अपना अंतिम फैसला सुनाएगा।
जौहर विश्वविद्यालय को लेकर लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक विवाद चल रहा है। विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई और ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद मामला कमिश्नर कोर्ट तक पहुंचा था। ऐसे में कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल प्रशासन की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर ब्रेक लग गया है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई और कमिश्नर कोर्ट के अंतिम फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हैं। अंतिम फैसला आने के बाद ही यह साफ होगा कि जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई आगे बढ़ेगी या फिर विश्वविद्यालय पक्ष को बड़ी कानूनी राहत मिलेगी।
फिलहाल कमिश्नर कोर्ट के अंतरिम आदेश को आजम खां और जौहर विश्वविद्यालय के लिए अहम राहत माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से भी मामले में अपना पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी की जाएगी। इस मामले का अंतिम फैसला जौहर विश्वविद्यालय के भविष्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






































