
टोक्यो। जापान के दक्षिणी क्यूशू द्वीप में मंगलवार को आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी। भूकंप का केंद्र कुमामोटो प्रांत में करीब 20 किलोमीटर दक्षिण में बताया गया है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर थी। भूकंप के बाद कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं, सड़कें और पुल प्रभावित हुए तथा कई जगहों पर आग लगने की घटनाएं सामने आईं।
भूकंप के बाद काशिमा टाउन स्थित एक शॉपिंग मॉल का हिस्सा ढह गया। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक वहां काम करने वाले करीब 20 से 30 कर्मचारी मलबे में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव दल मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं। स्थानीय अस्पतालों में दर्जनों घायलों का इलाज चल रहा है और शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम एक मौत की पुष्टि हुई है। भूकंप के झटकों से करीब 48 हजार घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कई इलाकों में रेल सेवाएं, बुलेट ट्रेन और उड़ानें प्रभावित हुई हैं। कुमामोटो एयरपोर्ट की सेवाओं पर भी असर पड़ा है। कुछ कारखानों में काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। मोबाइल नेटवर्क और संचार सेवाओं में भी कुछ क्षेत्रों में परेशानी की सूचना है।
सुनामी की चेतावनी जारी, फिर हटाई गई
भूकंप के तुरंत बाद अरियाके और यत्सुशिरो समुद्री क्षेत्रों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की गई थी। हालांकि, बाद में इसे हटा लिया गया। शुरुआती तौर पर समुद्र में करीब एक मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई थी। अधिकारियों ने तटीय इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा।
3 लाख को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह
भूकंप के बाद करीब 3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों की ओर जाने के निर्देश दिए गए। राहत एवं बचाव अभियान में सैकड़ों सैनिकों को भी लगाया गया है। जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने लोगों से अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जापानी अधिकारियों के मुताबिक भूकंप के बाद 100 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं। मौसम विज्ञान एजेंसी ने प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले करीब एक सप्ताह तक विशेष रूप से सतर्क रहने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने भूस्खलन और आगे तेज झटके आने के खतरे को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। भूकंप के बावजूद क्षेत्र के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालना, घायलों को इलाज मुहैया कराना और प्रभावित इलाकों में बिजली तथा परिवहन सेवाओं को बहाल करना है।
2016 की त्रासदी की यादें फिर ताजा
कुमामोटो क्षेत्र में आए इस शक्तिशाली भूकंप ने वर्ष 2016 की उस विनाशकारी आपदा की यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और हजारों इमारतें क्षतिग्रस्त हुई थीं। ताजा भूकंप के बाद प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लगातार हालात की निगरानी की जा रही है।



































