अंबेडकरनगर। 17 जुलाई, 2026
अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के सप्ताह भर चलने वाले 640 वें वार्षिक उर्स मेला ड्यूटी की थकान से अभी पुलिसकर्मियों को राहत मिली ही नहीं थी कि बसखारी थाने के पास लगे 250 केवीए के ट्रांसफारमर से पिछले दो दिनों से बसखारी थाने को बहुत ही मामूली बमुश्किल विद्युत आपूर्ति हो पा रही है। जिसके कारण बसखारी थाने का प्रशासनिक कार्य तो प्रभावित हो ही रहा है, पुलिसकर्मियों की रात की नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है।
बताया गया कि बसखारी थाने में एक प्रभारी निरीक्षक, महिला पुलिस कांस्टेबल, पुरुष कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एसआई समेत कुल 130 स्टाफ कार्यरत हैं। 24 घंटे थाने का आनॅलाइन व प्रशासनिक कार्य ही किसी तरह जनरेटर के सहारे हो पा रहा है।
बसखारी थाने के पास स्थित 250 केवीए के ट्रांसफरमर में पिछले कुछ दिनों से खराबी थी। मंगलवार को सब स्टेशन बसखारी के कर्मचारियों ने इस ट्रांसफरमर को ठीक करने का प्रयास किया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। देर शाम को दूसरा ट्रांसफरमर लगाया गया। तेल गरम करने के बाद पुनः करीब 12 बजे से बिजली आपूर्ति शुरू कराने की बात कही गई। इसके कुछ ही देर बाद रात में ही एक ट्रक ने थाने के पास लगे एबीसी केबल को क्षतिग्रस्त कर दिया। जिससे केबल में आग लग गई और पूरी रात थाने को सप्लाई नहीं मिली। गुरुवार सभी फाल्ट को ठीक करने का दावा किया गया और जेई अनिल कुमार बाल्मीकि के तरफ से दोपहर दो बजे से बिजली आपूर्ति की बात कही गई। वहीं बसखारी थाने का दफ्तर का कार्य देख रहे हेड कांस्टेबल क्रमशः अरुण कुमार मिश्र व संदीप कुमार शुक्ल ने जेई के विद्युत आपूर्ति कराने के दावे का खंडन किया है। इन हेड कांस्टेबलों का कहना था कि पिछले चार-पांच दिनों से बसखारी थाने को मात्र कई घंटों के अंतराल में 10-10 मिनट के लिए लाइट मिलती है। फिर बिजली गुल हो जाती है। उधर, जेई का कहना है कि अगर लो वोल्टेज के कारण समस्या है तो उसे दूर कर लिया जाएगा। थाने के बगल सीएचसी बसखारी भी है। बिजली की समस्या से प्रसव से लेकर कई प्रकार की वैक्सीनों को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।








































