अंबेडकरनगर। 26 जून, 2026
प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह में शुक्रवार देर शाम को ऐतिहासिक बड़ी ताजिया नौहा और मसीहों की गूंज के बीच बहुत ही गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गय। इस मौके पर कस्बा बसखारी, किछौछा नगर समेत आसपास के दर्जनों गांवों की मनौती समेत छोटी बड़ी सभी दर्जनों ताजियों को दफना दिया गया। 10 मोहरम को समापन जुलूस में देश भर से आए करीब एक लाख से ज्यादा जायरीनोंध्तीर्थयात्रियों ने सहभागिता की।
किछौछा दरगाह में 9 मोहर्रम की रातः 9 बजे आस्ताने से बड़ी ताजिया निकाली गई। सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार पर चढ़ी हुई चादर से यह बड़ी ताजिया बनाई गई थी। पूरे किछौछा नगर में गुरुवार रात को ताजिया का जुलूस भ्रमण करता रहा।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे पहलवान शहिद मजार परिसर में स्थित कर्बला मैदान में बने चैक पर दरगाह शरीफ की बड़ी ताजिया रखी गई। यहीं पर दरगाह के काफिले में बसखारी कस्बे और किछौछा कस्बे का जुलूस भी शामिल हुआ। किछौछा दरगाह के सज्जादानशीन नशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ, फखरुल मशायख के जानशीन सै. मोहामिद अशरफ उर्फ शारिक मियां और इंतजामियां कमेटी के प्रमुख सदस्य सै. अजीज अशरफ उर्फ अजीज मियां, दरगाह के कर्बला चैक पर ताजिए के पास पहुंचे। यहां पहुंचते ही ताजिया के पास विशेष दुआएं मांगी गई। इसके उपरांत यहां से ताजियों का काफिला सलामी गेट मलंग गेट होते हुए आस्ताने पर पहुंचा। देर शाम को बहुत ही गमगीन माहौल में पवित्र तालाब में नीर शरीफ पर ऐतिहासिक बड़ी ताजिया समेत सभी ताजियों को दफना दिया गया। 10 वें मोहर्रम के समापन जुलूस मिनहाज अशरफ, आले मुस्तफा छोटे बाबू, ताजियादर एनाम हुसैन, सै. खलीक अशरफ, सै. फहद अशरफ, गनीदार शाह के जानशीन आलम शाह, गफूर शाह, अली रजा फैजी , इरफान शाह समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
डीएम ईशा प्रिया, एसपी प्राची सिंह, एसडीएम टांडार डा. शशि शेखर, सीओ सिटी नीतिश कुमार व बसखारी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह मय पुलिस बल के साथ जुलूस सुरक्षा व्यवस्था में लग रहे।







































