अंबेडकरनगर। 28 सितंबर, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष पहल पर अंबेडकरनगर में पुलिसकर्मियों के लिए “ड्रीम प्रोजेक्ट” 12 मंजिला अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय इमारत का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 18 करोड़ 36 लाख 15 हजार ( 1836.15 लाख ) की लागत से बन रहे इस आवासीय टावर की ऊँचाई 140-150 फिट यानी 42-45 मीटर है। जिले के सबसे ऊंची इस बिल्डिंग में टू बीएचके ( टाइप-बी ) के 46 आलीशान फ्लैट बन रहे हैं।
जनपद के मध्य में स्थित बसखारी थाना परिसर में बन रहे इस आवासीय टावर का निर्माण कार्य दिसंबर तक पूर्ण करने के लिए कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण निगम लि. ( यूपीआरएनएन ) को जिम्मेदारी दी गई है। 16 जून 2025 को जिले के तत्कालीन प्रभारी राज्यमंत्री ( स्वतंत्र प्रभार ), खेल एवं युवा कल्याण विभाग, गिरीश चन्द्र यादव, एमएलसी डॉ. हरिओम पाण्डेय व कटेहरी विधायक धर्मराज निषाद की उपस्थिति में थाना बसखाारी परिसर में 46 टाइप-बी फ्लैट के आवासीय टावर के निर्माण कार्य का शिलान्यास हुआ था।
कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएन के सहयोगी फर्म सूरत कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. ( लखनऊ ) की तरफ से पिछले लगभग 15 महीनों से इस 12 मंजिला आवासीय टावर का निर्माण कार्य जारी है। फर्म के इंजीनियर कुणाल श्रीवास्तव के बताया कि मौजूदा समय में 12वें मंजिल का निर्माण कार्य जारी है। सातवें फ्लोर तक फ्लैट समेत अन्य कमरों का प्लास्टर व पांचवें फ्लोर तक टाइल्स का कार्य रनिंग में है। पुट्टी, पेंट व वायरिंग का काम लास्ट फेज में होगा।
इंजीनियर कुणाल ने बताया कि 2 बीएचके टाइप बी के प्रत्येक फ्लैट में एक मास्टर बेड रूम 13 फिट 10 इंच गुणे 12 फिट, दूसरा बेड रूम 13 फिट 2 इंच गुणे 11 फिट, लिविंगध्डाइनिंग हॉल 11 फिट गुणे 23 फीट 4 इंच, किचन 8 फिट 2 इंच गुणे 8 फिट एक इंच का होगा। एक अटैच व एक कॉमन टॉयलेट भी होगा।
12 मंजिले आवासीय टावर में ऊपर के कमरों तक पहुंचने के लिए दो तरफ से सीढ़ी और दोनों तरफ इलेक्ट्रिक लिफ्ट की व्यवस्था रहेगी। कार्यदायी संस्था यूपीआरएनएन के प्रोजेक्ट मैनेजर रवींद्र कुमार यादव ने बताया कि दिसंबर 2026 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। जनवरीध्फरवरी 2027 तक इसे पुलिस विभाग को सौंप दिया जाएगा।
खास बात यह है कि नई आवासीय नीति और पुलिस हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के तहत ही पुलिसकर्मियों के लिए आवासीय टावर बनवाया जा रहा है। ताकि पुलिसकर्मी किराए के मकानों की बंदिश से मुक्त होकर कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के क्रम में अपने परिवार के साथ बेहतर सुविधाओं के बीच रह सकें।
“ अंबेडकरनगर के डीएम के स्तर से जो जांचध्निरीक्षण कमेटी होगी, कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर औपचारिक रूप से यह जी प्लस 11 मंजीला भवन अंबेडकरनगर के पुलिस महकमा ( एसपी ) को हैंड ओवर कर दिया जाएगा ”
रवींद्र कुमार यादव प्रोजेक्ट मैनेजर- उप्र राजकीय निर्माण निगम लि. अयोध्या









































