अंबेडकरनगर। 26 मार्च, 2025
कस्बा बसखारी में शहजादए इमामुल औलिया सै. मसूदुलहसन के बरसी ( पुण्यतिथि ) के मद्देनजर सालाना फातेहा कार्यक्रम आयोजित हुआ। सालाना फातेहा के दौरान कुरआनखानी हुई और उन्हें खेराजे अकीदत ( श्रद्धांजलि ) पेश किया गया। इस मौके पर रोजा इफ्तार का भी आयोजन हुआ।
बसखारी में शाम चार बजे से शहजादए इमामुल औलिया सै. मसूदुलहसन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से पहले कुरआनखानी शुरू हुई। कुरआनखानी के अंत में आए हुए ओलमाओं व मौलनाओं ने विशेष दुआएं मांगी। आले मुस्तफा छोटे बाबू और मोहम्मद अशरफ बड़े बाबू के संयोजन में रोजा इफ्तार का भी आयोजन किया गया। रोजा इफ्तार में आए हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष व सपा के वरिष्ठ नेता हीरालाल यादव, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, सुनील वर्मा समेत अन्य अतिथियों व भारी संख्या में आए हुए आम रोजेदारों का इन दोनों भाइयों ने स्वागत किया। सालाना फातेहा व रोजा इफ्तार समेत विविध कार्यक्रमों में सै. अजीज अशरफ, पूर्व विधायक अजीमुल हक पहलवान के पुत्र मुसाब अजीम, सै. खलीक अषरफसपा जिला उपाध्यक्ष फिरोज अहमद सिद्दीकी, रईस अंसारी टाडा, एडवोकेट सुभाष यादव, पूर्व पीसीएस चुन्नीलाल, आसू प्रधान, मेराज अहमद, मुन्ना प्रधान, दीपू सिंह, विकास यादव, मौलाना कासिम, लल्लू खादिम, दिपेश सिंह, नियामतुल्लाह एडवोकेट समेत सैकड़ों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की। खास बात यह है कि एडवोकेट सै. निजाम अशरफ व अधिवक्ता सै. मसूदुलहसन के निधन के बाद आले मुस्तफा उर्फ छोटे बाबू और मोहम्मद अशरफ उर्फ बड़े बाबू समेत दोनों भाई बखूबी अपनी जिम्मेदारियों को निभाते चले आ रहे हैं। यही कारण है कि शहजादए इमामुल औलिया सै. मसूदुलहसन की बरसी और रोजा इफ्तार में सैकड़ों की संख्या में लोग मोहब्बत में उमड़ कर चले आए।
