अंबेडकरनगर। 25 अगस्त, 2026
प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह और बसखारी कस्बे से 12 रबीउल अव्वल के मद्देनजर निकलने वाले ऐतिहासिक जुलूस को कामयाब और यादगार बनाने के लिए विभिन्न अंजुमनों ने अपने स्तर से बड़े पैमाने पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में पूरी ताकत झोंक दी है।
मौलाना हामिद जिलानी व मक्की सुबहानी ने बताया कि किछौछा दरगाह से निकलने वाले जुलूस के लिए अंजुमन फैजाने सिमना, अंजुमन शमा-ए-इस्लाम समेत विभिन्न अंजुमनों के सामूहिक पहल पर सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की इंटरनेशनल दरगाह से 12 रबीउल अव्वल का ऐतिहासिक जुलूस बुधवार प्रातः 9 बजे से निकलेगा। जुलूस में देश भर से आए हुए भारी संख्या में अकीदतमंद और स्थानीय लोग शामिल होंगे। 12 रबीउल अव्वल के मद्देनजर दरगाह परिसर और सभी मुख्य मार्गों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। उधर, सै. खलीक अशरफ व सै. अजीज अशरफ उर्फ अजीज मियां ने बताया कि कस्बा बसखारी में कई अंजुमनों के संयुक्त पहल पर प्रातः 9 बजे से पूर्व सज्जादानशीन सै. फखरुद्दीन अशरफ के आवास से 12 रबीउल अव्वल का जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस का यह काफिला बसखारी मुख्य बाजार, पूर्वी चैराहा, आजमगढ़ रोड होते हुए ग्राम डोड़ों तक पहुंचेगा। हाथी, घोड़े ऊंटों पर सवार होकर अकीदतमंद जुलूस की शोभा बढ़ाएंगे। कई अंजुमनों की सामूहिक कवायद पर बसखारी कस्बे में खास सजावट की गई है। आकर्षक झालर वाले लाइट से बसखारी मुख्य बाजार समेत सभी प्रमुख मार्ग व मुहल्लों को दुल्हन की तरह सजाया गया है। आले मुस्तफा छोटे बाबू ने बताया कि ग्राम डोड़ों से वापसी के बाद पूर्वा चैराहा, मुख्य बाजार, पश्चिमी चैराहा ( मुख्य चैक ) होते हुए बुधवार शाम को बसखारी कस्बे के 12 रबीउल अव्वल के जुलूस का समापन होगा।










































