अंबेडकरनगर। 22 अगस्त, 2026
प्रदेश के राज्यपाल के तरफ से लिए गए निर्णय के क्रम में किछौछा नगर पंचायत के अध्यक्ष ओमकार गुप्ता को पद से हटाने के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्यपाल के इस कदम से किछौछा नगर पंचायत का अध्यक्ष पद पदचयुत हो गया है और प्रशासक तैनात करने के लिए संस्तुति की गई है।
खास बात यह है कि मार्च 2025 के दौरान अध्यक्ष ओमकार गुप्त के विरुद्ध सफाई व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था में लगे कर्मचारियों को निकाय के कार्यों से विरत रहने के निर्देश देने, हड़ताल पर गए कर्मचारियों को पूर्ण वेतन दिए जाने हेतु निरंतर अधिशासी अधिकारी पर दबाव बनाए जाने, होली एवं रमजान पर्व के दौरान नगर पंचायत के कर्मचारियों के वेतन भुगतान हेतु प्रस्तुत पत्रावली पर जानबूझकर अनुमोदन प्रदान न करने, अधिशासी अधिकारी को बंधक बनाए जाने और वार्ड नंबर तीन के सभासद विनोद कुमार गुप्त के विरुद्ध जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने समेत विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी के तरफ से शासन को भेजी गई थी। जिसके क्रम में 29 सितंबर 2025 को अध्यक्ष नगर पंचायत ओंकार गुप्ता के वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों कृतियों के निष्पादन व निर्वहन पर रोक लगा दी गई थी।
उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ में भी यह मामला विचाराधीन था। अध्यक्ष के वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगा दी गई थी, फिर न्यायालय से स्थगन आदेश भी पारित हो गया था। बताया जाता है कि इस मामले में उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में 24 अगस्त 2026 को सुनवाई भी होनी है। उसके पहले राज्यपाल ने नगर पालिका अधिनियम 1916 की धारा 48 के तहत तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष ओमकार गुप्ता को पद से बेदखल कर दिया। राज्यपाल ने नगर पालिका अधिनियम की धारा 1916 की धारा 54 (क) के प्रावधानों के अधीन यह निर्देश जारी किया कि जब तक की राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा उप निर्वाचन की कार्यवाही पूर्ण न की जाए तब तक अध्यक्ष नगर पंचायत की शक्तियों और कृतियों का प्रयोग और निर्वहन जिला मजिस्ट्रेट या निमित्त जिला मजिस्ट्रेट अंबेडकर नगर तरफ से नियुक्त डिप्टी कलेक्टर के स्तर से किसी राजपत्रित अधिकारी जिसे प्रशासक कहा जाए उनसे कराया जाएगा। इस मामले में मुख्य स्थाई अधिवक्ता, हाईकोर्ट लखनऊ पीठ, सचिव राज्य निर्वाचन आयोग, निदेशक नगर निदेशालय लखनऊ, जिलाधिकारी अंबेडकरनगर समेत अन्य को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रतिलिपि भी प्रषित कर दी गई है। बताया जाता है कि इसी 24 अगस्त को हाईकोर्ट लखनऊ पीठ में किछौछा नगर पंचायत अध्यक्ष के मामले को लेकर सुनवाई भी होनी है, उससे पहले प्रदेश के राज्यपाल के द्वारा किछौछा नगर पंचायत अध्यक्ष को पद से हटाने की पहल करना काफी महत्वपूर्ण भी माना जा रहा है।






































