अंबेडकरनगर। 12 मई, 2026
भले ही देश का सर्वोच्च न्यायालय और हाईकोर्ट यह आदेश पारित करता रहे कि तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा व अवैध निर्माण न किया जाए और यूपी सरकार भी यह कवायद करती रहे कि तालाबों, पोखरा व जलाशयों पर अवैध कब्जा न हो। लेकिन अंबेडकरनगर जिले में इसका खास असर होता संभवतः दिखाई नहीं दे रहा है। अकबरपुर नगर पालिका क्षेत्र में स्थित एक तालाब पर तो भूमियाओं ने कब्जा करके अवैध कई मकान बनवा लिया है।
एक फरियादी ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी अकबरपुर, तहसीलदार अकबरपुर व अकबरपुर नगर पालिका के समक्ष शिकायती प्रार्थना देकर उक्त तालाब पर से अवैध कब्जा हटाने के साथ ही कार्रवाई की मांग की है।
बताया जाता है कि गाटा सं.-754 रकबा 0.152 व 647 मि. रकबा 0.304 हे. स्थित ग्राम रवीपुर बहाउद्दीनपुर, परगना व तहसील अकबरपुर की तालाब खाते की भूमि है। राजस्व अभिलेख में उक्त तालाब सरकारी भूमि है के रूप में दर्ज है। तालाब पर एक दर्जन से अधिक भूमाफियाओं ने अवैध कब्जा करके इसका स्वरूप ही बदल दिया है। तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा सार्वजनिक परिसर पर अनाधिकृत अभियोग है। इससे तालाब का पानी रुक गया, भूगर्भ जल स्तर भी गिर रहा है और आम जनता के पेयजल एवं पशुपालन के अधिकार का हनन हो रहा है। यह कार्य राष्ट्रीय हरित अधिकरण एनजीटी के जलाशयों के संरक्षण सम्बन्धी निर्देशों का भी उल्लंघन है। इस मामले में फरियादी अरुण कुमार निवासी ग्राम रवीपुर बहाउद्दीनपुर ने जनहित व सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिलाधिकारी के समक्ष मय शपथ पत्र के साथ शिकायती प्रार्थना पत्र दिया है। इसके अलावा अरुण कुमार ने एसडीएम अकबरपुर, तहसीलदार व ईओ अकबरपुर समेत उच्चाधिकारियों के पास शिकायती प्रार्थना पत्र. दिया है।
डीएम समेत अन्य अहलकारों को दिए गए पत्र में यह मांग की गई है कि अधिनियम 1972 में दिए गए प्रावधान के अनुसार तुरंत कार्यवाही करके अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी करके तालाब की जमीन को कब्जा मुक्त कराया जाए और तालाब को उसके पुराने स्वरूप को पुनः स्थापित किया जाए। उक्त तालाब की भूमि की पैमाइश/सीमांकन नपाप अकबरपुर की उपस्थिति में राजस्व अभिलेख व फाइनल नक्शा में जो तालाब का निशान दक्षिण तरफ दिखलाया गया है उसी अनुसार संयुक्त रूप से जांच करके कार्रवाई की जाए।








































