अंबेडकरनगर। 08 अप्रैल, 2026
जिले के हंसवर क्षेत्र के भूलेपुर बाजार में सोमवार की रात “एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुशायरे का आयोजन किया हुआ। इंकलाबी शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी, अबूसाद इलाही और हकीम इरफान आजमी के संयुक्त संयोजन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। डॉ. फिरोज अख्तर के संरक्षण व चांदनी मुस्कान की निगरानी में हुए कार्यक्रम की अध्यक्षता हाफ़िज महबूब आलम की व सितारे उर्दू एवार्ड से सम्मानित शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने संचालन किया।
मुख्य अतिथि बसखारी ब्लॉक प्रमुख संजय सिंह ने शमा रोशन कर मुशायरे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री सिंह ने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी ने कहा कि उर्दू भाषा ने हमेशा मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम दिया है। शिक्षक मोहम्मद असलम खान ने कहा कि देश की आजादी में उर्दू भाषा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बीती रात 10 बजे से ऑल इंडिया कवि सम्मेलन व मुशायरा शुरू हुआ। सुबह चार बजे कार्यक्रम संपन्न हुआ। महाराष्ट्र से आईं मशहूर शायरा चांदनी मुस्कान ने अशआर पढ़ा कि वतन से मोहब्त का इजहार कुछ इस तरह किया, शान हरगिज घट न पाए अपने हिन्दुस्तान की, है तमन्ना हर घड़ी यह चांदनी मुस्कान की। नेपाल से आए इंटरनेशनल शायर फैयाज फैजी ने भारत-नेपाल के रिश्तों को मजबूत करने पर जोर देते हुए अपनी शायरी पढ़ी कि दिल हथेली पे जान लाया हूं, बेशकीमती सामान लाया हूं, मुझको भी दे दो प्यार ऐ लोगों और तेरे हिंदुस्तान आया हूं। इस शायरी को लोगों ने खूब शाबाशी दी और आह-वाह कहते हुए नजर आए। अहमद हाशिम मालेगांव, झारखंड की शायरा रौशन हबीबा रोशनी, इंकलाबी शायर कुमैल अहमद सिद्दीकी ने भी अपने प्रभावशाली शायरी से समां बांध दिया।
इसके अलावा हकीम इरफान आजमी, हसन सईद जलालपुरी, अहमद अयाज जलालपुरी, अकरम भूलेपुरी, अबूसाद इलाही, शाद अकबरपुरी, हलचल टांडवी, शगुफ्ता लखनवी, हसन वारसी किछौछवी, साहिल मुबारकपुरी, एहतेशाम चिरैयाकोट, सुम्मुन टांडवी, इंसाफ टांडवी, अहमद सईद टांडवी, दिल सिकंदरपुरी, मतलूब टांडवी, शाहान भूलेपुरी, राहत नवाज़ भूलेपुरी, अव्वल परवाना, रूमी, हाफिज अनस समेत अन्य शायरों व कवियों ने भाईचारे, मोहब्बत और देशभक्ति की अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। पूर्व विधायक पुत्र मुसाब अजीम, समीउल्लाह सिद्दीकी, तारिक अनवर, कलीमुल्ला अरशद अंसारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
इंडो-नेपाल मुशायरा का दिया गया नाम
नौशाद खां अशरफी
अंबेडकरनगर।
भूलेपुर बाजार में “एक शाम अम्बेडकरनगर के नाम” ऑल इंडिया कवि सम्मेलन व मुशायरा की महफिल सजाने के लिए मशहूर शायरा चांदनी मुस्कान महाराष्ट्र का योगदान काफी सराहनीय रहा। चांदनी मुस्कान की ही कड़ी मेहनत व कोशिशों का ही परिणाम था कि पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय शायर फैयाज फैजी यहां के मुशायरे में खींचे चले आए। शायर फैयाज फैजी के सहभागिता करने के कारण ही इस मुशायरे को इंडो-नेपाल मुशायरा का भी नाम दिया गया। शायर फैयाज फैजी का कहना है कि उम्मीद करता हूं कि आने वाले वक्त में भारत के शायर नेपाल में जा कर वहां के मुशायरों में अपनी फन का मुजाहिरा करेंगे और नेपाल के अन्य शायर व कवि भारत में आकर इस तरह के कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। फैयाज फैजी ने यह भी कहा कि भारत शुरू से ही अपने पड़ोसी देश नेपाल का खास ख्याल रखता रहा है। दोनों देशों के मुशायरों में दोनों राष्ट्रों के शायरों के शामिल होने से भारत-नेपाल के सांस्कृतिक रिश्तों में और मजबूती मिलेगी।











































