अंबेडकरनगर। 14 अप्रैल, 2026
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में सूफी बुजुर्ग असरारुल औलिया का दो दिवसीय सालाना उर्स का समापन मंगलवार देर शाम को बहुत ही खुशनुमा माहौल में हुआ। उनके सज्जादानशीन सै. आरिफ अशरफ अशरफीउल जिलानी ने उर्स में आए हुए अकीदतमंदों, मुल्क की खुशहाली व विश्व शांति के लिए दुआएं मांगी।
सोमवार सुबह की पहली नमाज के बाद कुरआनखानी हुई। सुबह आठ बजे से सूफी बुजुर्ग असरारुल औलिया के वार्षिक उर्स पर विशेष जलसा हुआ। मौलाना अफ्फान गया बिहार, अमीन हमजा मालेगांव समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए मोलानाओं, वक्ताओं ने खास तकरीरें करके खूब वाहवाहियां लूटीं। डा.संजर कलकतवी, मौलाना किस्मत सिकंदरपुरी समेत अन्य नातखांओं व शायरों ने नातिया कलाम व सूफी बुजुर्ग असरारुल औलिया की शान में मनकबत पेश किया। हल्कए जिक्र भी हुई व जायरीनों में लंगर तक्सीम किया गया। मंगलवार सुबह कुरआनखानी हुई। सुबह 10 बजे से नात व मनकबत का सिलसिला जारी रहा। दोपहर 12 बजे कुल शरीफ हुई। दोपहर दो बजे सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक पर व उसके बाद असरारुल औलिया के मजार मुबारक पर चादरपोशी, गुलपोशी हुई। विशेष फकीरी कव्वाली ( महफिले समा ) का आयोजन हुआ। शिजराख्वानी भी हुई। मंगलवार देर शाम को सज्जादानशीन सै. आरिफ अशरफ अशरफीउल जिलानी के तरफ से खास दुआएं मांगी गई।









































