
CM योगी ने भेजा विशेष सम्मान, महापौर और DM ने घर जाकर दी बधाई
दीये की रोशनी में पढ़कर 1940 में संयुक्त प्रांत में किया था टॉप जीता था गोल्ड मेडल
स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान क्रांतिकारियों के लिए मफलर और बैज बनाकर दिया था राष्ट्रसेवा में योगदान
लखनऊ। 16 जुलाई, 2026
राजधानी लखनऊ के इंदिरा नगर की निवासी प्रतिभा जोशी ने आज अपने जीवन के गौरवमयी 100 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। उनका जीवन अनुशासन, उच्च शिक्षा, देशभक्ति और सकारात्मक सोच की एक ऐसी अनुपम मिसाल है, जो आज की युवा पीढ़ी को आगे बढ़ने की नई राह दिखाती है। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री की ओर से बधाई और शुभकामनाएं देने के लिए लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, जिलाधिकारी (DM) विशाख जी. एवं नगर आयुक्त गौरव कुमार आज विशेष रूप से प्रतिभा जोशी के आवास पर पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) का स्मृति-उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
संघर्षों से भरा रहा जीवन: दीये की रोशनी में पढ़ाई कर जीता था गोल्ड मेडल
16 जुलाई 1926 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मीं प्रतिभा जोशी का जीवन महिला सशक्तिकरण और दृढ़ इच्छाशक्ति का जीवंत उदाहरण है। तत्कालीन दौर में जब बेटियों के लिए शिक्षा की राह आसान नहीं थी, तब उन्होंने बेहद सीमित संसाधनों के बीच दीये की रोशनी में पढ़ाई की। वर्ष 1940 में एंग्लो वर्नाक्युलर मिडिल स्कूल की परीक्षा में उन्होंने तत्कालीन संयुक्त प्रांत (वर्तमान उत्तर प्रदेश) में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रचा था। वर्ष 1944 में एडम्स गर्ल्स स्कूल से उन्होंने हाईस्कूल की परीक्षा बेहद उत्कृष्ट अंकों के साथ उत्तीर्ण की। सामाजिक परिस्थितियों के कारण उनकी औपचारिक शिक्षा भले ही आगे नहीं बढ़ सकी, लेकिन उन्होंने सीखना कभी नहीं छोड़ा। वर्ष 1946 में इंजीनियर श्री तारा चरण जोशी से विवाह के बाद उन्होंने पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को बेहद कुशलता से निभाया।
स्वतंत्रता आंदोलन में भी रहा योगदान
प्रतिभा जोशी के भीतर देशप्रेम की भावना कूट-कूट कर भरी थी। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दिया। वे देश की आजादी के लिए लड़ रहे क्रांतिकारियों के लिए मफलर और बैज तैयार किया करती थीं, जो उनके राष्ट्रसेवा के प्रति जज्बे को दर्शाता है। 100 वर्ष की आयु में भी ऊर्जावान दिखने वाली प्रतिभा जोशी जी अपनी इस लंबी जीवन यात्रा का श्रेय सादगी और कड़े अनुशासन को देती हैं। अपने अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण ही स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन का असली आधार है। जीवन में चाहे कैसी भी कठिन परिस्थिति आए, इंसान को कभी अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए।
युवाओं को संदेश:
उन्होंने आज की युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए कहा कि वे अपने माता-पिता व बुजुर्गों का सदैव सम्मान करें, अपनी जीवनशैली को स्वस्थ रखें और हमेशा पॉजिटिव सोच के साथ आगे बढ़ें। आज प्रतिभा जोशी का परिवार तीन बेटों, दो बेटियों, नाती-पोतों और परपोतों के साथ कई पीढ़ियों तक विस्तृत हो चुका है। इस ऐतिहासिक और भावुक कर देने वाले अवसर पर पूरा परिवार एक साथ जुटा और सभी ने अपनी इस मार्गदर्शक के 100वें जन्मदिन को बेहद उत्साह, आदर और आत्मीयता के साथ मनाया।




































