अंबेडकरनगर। 20 जून, 2026
प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की किछौछा दरगाह में मोहर्रम के रात्रि जुलूस में शामिल होने के लिए देशभर के करीब 80 हजार से लेकर एक लाख तक जायरीनों ने डेरा डाल रखा है। भीषण गमीर्, उमस और चिलचिलाती धूप के बीच पर्याप्त बिजली की आपूर्ति न होने से इन दिनों दरगाह आए यात्री काफी हलकान और परेशान दिख रहे हैं।
खास बात यह है कि 17 जून, बुधवार रात 12 बजे से लेकर भोर चार बजे तक 55 से 56 बार आपूर्ति में लाइट की ट्रिपिंग हुई है। जैसे ही लाइट आती है दो मिनट के बाद लाइट कट जाती है। गुरुवार दिन में भी काफी कम आपूर्ति हुई। गुरुवार दिन में भी ट्रिपिंग का सिलसिला जारी रहा। गुरुवार रात 12 बजे के बाद के बाद से विद्युत आपूर्ति में विद्युत महकमा ने सुधार किया है। शुक्रवार दिन में बिजली आपूर्ति ठीक-ठाक रही। रात में भी ठीक रही। किछौछा दरगाह मैं भारी संख्या में किराए वाले कमरे और गेस्ट हाउस हंै। तीन-चार कमरे वाले भी गेस्ट हाउस वालों ने तीन से 5 किलो वाट तक का कनेक्शन ले रखा है। बड़े गेस्ट हाउस वाले ज्यादा लोड वाला कनेक्शन ले रखा हैं। किछौछा दरगाह से पावर कारपोरेशन को करोड़ों रुपए का आय विद्युत बिल के जरिए होता है। लेकिन उस लिहाज से पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
उधर, किछौछा-खसरोपुर सब स्टेशन के अवर जेई शिव प्रसाद स्वर्णकार ने बताया कि बुधवार रात में कुछ ट्रिपिंग हुई थी, बाद में उसे सुधार लिया गया है। बताया की दरगाह नई बस्ती को सब स्टेशन मकोइया-बसखारी से अटैच कर दिया गया है। दरगाह के कम से कम चार से पांच ट्रांफारमरों की लाइन सब स्टेशन बसखारी से अटैच करके चलाया जा रहा है। जेई ने बताया कि मोहर्रम के जुलूस के नाते वह स्वयं रात्रि प्रवास कर रहे हैं और इस दौरान में पेट्रोलिंग करते रहेंगे। यदि कोई समस्या हुई तो उसका यथाशीघ्र निदान कराया जाएगा।
बसखारी कस्बे में आंधी-तूफान आते ही लगातार कई-कई घंटों तक बिजली गुल हो जाती है। सब स्टेशन बसखारी-मकोइया के 6 फीडरों से सैकड़ों गांवों में बिजली गुल हो जाती है। रात के अंधेरे में फाल्ट ढूंढना छोटे कर्मचारियों का ही मुख्य रूप से काम है। बड़े स्तर के जिम्मेदार अधिकारी रात में आराम करते हैं और फोन से ही मातहतों को निर्देश देते रहते हैं। जबकि सरकार से वे अपना वेतन पूरा लेते हैं।










































