अंबेडकरनगर। उप्र. 24 मई, 2026
नौशाद खां अशरफी
ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डा. अब्दुल मजिद हकीम इलाही ने कहा कि भले ही आज मै, यहां जियारत करने किछौछा आया हूं। लेकिन वास्तव में भारत और ईरान के रिश्ते तकरीबन 5000 साल पुराना है। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि इंडिया व ईरान के बीच और मधुर व मजबूत रिश्ते बने रहेंगे।
हकीम इलाही किछौछा दरगाह के आस्ताने पर द्विभाषिया के जरिए देश भर के जायरीनों ( यात्रियों ) को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में कई बार दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, शैक्षिक समेत अन्य रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए बल दिया। पत्रकारों से वार्ता के दौरान यह पूछे जाने पर कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय तेल टैंकरों के गुजरने को लेकर भारत और ईरान के बीच मौजूदा समय में किस प्रकार का पारस्परिक सहयोग की जरूरत है। इस पर हकीम इलाही ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा। अलबत्ता उन्होंने कहा कि इस मामले में भारत सरकार और ईरान के बीच पहले भी वार्ता हो चुकी है। यह पूछे जाने पर कि क्या अमेरिका व ईरान के बीच जल्द तनाव खत्म हो जाएगा और मिडिल ईस्ट में शांति बहाली हो जाएगी। इस पर ईरान के नेता ने अमेरिका की नियत को लेकर सवाल खड़ा किया और कहा कि पूरे विश्व में असलहों का सौदार अमेरिका है, वह क्यों जल्द शांति चाहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि दरअसल अमेरिका ने हमला करके ईरान पर जबरन युद्ध थोप दिया है।

अंबेडकरनगर। उप्र. 24 मई, 2026
अंबेडकरनगर। उप्र मई, 2026
ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अयातुल्लाह अली खामेनाई के प्रतिनिधि डा. अब्दुल मजिद हकीम इलाही ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त किछौछा दरगाह में रविवार शाम पहुंच कर सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ की जियारत कर दुआएं मांगी। इस मौके पर उन्होंने सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ के मजार मुबारक ( समाधि ) पर मखमली चादर चढ़ाई और अकीदत के फूल गुलाब व खुशबू के तौर पर इत्र वगैरह भी पेश किया।
जियारत के बाद सज्जादानशीन सै. मोहिउद्दीन अशरफ किछौछवी की अगुआई में खामेनाई साहब के प्रतिनिधि डा. अब्दुल मजिद हकीम इलाही के सिर पर दरगाह की चादर की पगड़ी बांध कर गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया। डा. अब्दुल मजिद हकीम इलाही करीब एक घंटे तक यहां रहे। इस दौरान उन्होंने दरगाह से जुड़े महत्वपूर्ण लोगों से सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ और किछौछा दरगाह के बारे में आवश्यक जानकारियां हासिल कीं। डा. अब्दुल मजिद हकीम इलाही के आगमन पर सै. अजीज अशरफ, सै. फैजान अहमद चांद, सै. खलीक अशरफ, शेखू मियां, सेराज अशरफ, लल्लू खादिम, खादिम कमेटी के अध्यक्ष फिरोज खान समेत अन्य लोगों ने फूलों का गुलदस्ता देकर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। इस मौके पर ट्रांसलेटर सै. नकी हैदर, मौलाना ताजियादार एनाम हुसैन, रईस हैदर, मौलाना कर्रार सोराबी, मौलाना जावेद नजमी, मौलाना फरहान हैदर, मौलाना नदीम रजा, सहाफी राशिद अंसारी, सै. कादिर अशरफ, सै. औन अशरफ समेत अन्य लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।







































