अंबेडकरनगर। 18 जनवरी, 2026
टांडा से विशेष रिपोर्ट : जावेद सिद्दीकी एडवोकेट
स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आज तक देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती देने में अधिवक्ता समाज की अग्रणी भूमिका रही है। न्याय के लिए संघर्ष करना अधिवक्ताओं की पहचान रहा है और हाल की टोल प्लाजा घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सम्मान और अधिकारों की लड़ाई में अधिवक्ता समाज कभी पीछे नहीं हटेगा। दूसरों को न्याय दिलाने वाला यह वर्ग अब अपने अधिकारों के प्रति भी पूरी तरह सजग है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के 25 सदस्यों के चुनाव के तहत अंबेडकरनगर जनपद में मतदान शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ। यह समिति आगामी पांच वर्षों तक प्रदेश के अधिवक्ताओं के हितों, अधिकारों और कल्याण से जुड़े निर्णय लेगी।
मतदान के पहले चरण में प्रदेश के 22 जनपदों के साथ अंबेडकरनगर में भी पंजीकृत अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया। जनपद की पांचों तहसीलों को मिलाकर कुल 2144 अधिवक्ता मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 337 अधिवक्ता विभिन्न कारणों से मतदान नहीं कर सके, जबकि शेष अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
मतदान के लिए जिला मुख्यालय पर केंद्र बनाए गए थे, जहां न्यायिक निगरानी में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। टांडा तहसील के अधिवक्ताओं के लिए अलग मतदान केंद्र स्थापित किया गया, विशेष रूप से युवा अधिवक्ताओं में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह रहा, जिससे पूरे दो दिन चुनावी माहौल जीवंत बना रहा।
मतदान के बाद अधिवक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए। युवा वरिष्ठ अधिवक्ता टांडा अधिवक्ता संघ के पूर्व महामंत्री दिलीप माझी ने बताया कि उन्होंने बिना किसी जाति या धर्म के भेदभाव के सभी वर्गों के प्रत्याशियों को मत दिया और सभी 25 मतों का प्रयोग किया। उन्होंने बैलेट पेपर के अक्षर हल्के होने और गोपनीयता से जुड़ी कुछ कमियों पर भविष्य में सुधार की आवश्यकता जताई।
वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार ने विचार-विमर्श के बाद मतदान करने की बात कही, वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता जमीर ने प्रथम वरीयता का मत गहन मंथन के बाद देने की बात कही। अशरफ हुसैन अंसारी ने वरीयता क्रम में पांच प्रत्याशियों को मत देने की जानकारी दी, जबकि हेलाल अशरफ ने अंतःकरण की आवाज पर मतदान करने की बात कही।
टांडा अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद शाहिद ने सामाजिक और व्यावसायिक संतुलन को ध्यान में रखकर मतदान करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता अभिमन्यु यादव और सुलह समझौता अधिकारी एडवोकेट मनोज सिंह ने ऐसे प्रत्याशियों को प्राथमिकता देने की बात कही, जो अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान में हमेशा सक्रिय रहे हैं।
टांडा एल्डर कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अजय प्रताप श्रीवास्तव ने कहा कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल का चुनाव विश्व का सबसे बड़ा अधिवक्ता चुनाव है, जिसमें एक मतदाता को एक ही मतपत्र पर अधिकतम 25 प्रत्याशियों को मत देने का अधिकार होता है।
टांडा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शेर बहादुर सिंह वह महामंत्री राजेश सिंह ने बताया कि यह चुनाव चार चरणों में कराया जा रहा है। पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि संपूर्ण मतदान प्रक्रिया 16 जनवरी से 28 जनवरी तक चलेगी।
संघ के पूर्व मंत्री संजीव सिंह ने बताया कि मतगणना प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है, जिसमें प्रथम वरीयता के मत निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
पूर्व अध्यक्ष मोहम्मद मुकीम वह पूर्व महामंत्री गंगा राम यादव ने बताया कि इस बार 333 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिससे मतपत्र काफी लंबा रहा और मतदान में समय लगना स्वाभाविक था।
वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र उपाध्याय , प्रदीप दुबे, तीर्थ राज सिंह व पारस ने टोल प्लाजा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान हुई इस घटना ने अधिवक्ताओं को एकजुट कर दिया है। उम्मीद है कि नया नेतृत्व ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि पूरे प्रदेश में टोल प्लाजा अधिवक्ताओं के लिए निशुल्क होगा
पहली बार मतदान करने वाले युवा अधिवक्ता सौरभ मौर्य और वैभव मौर्य ने कहा कि युवाओं के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के लिए ठोस नीतियां बननी चाहिए। वहीं मोहम्मद साबिर, मोहम्मद सलमान और मोहम्मद असद ने पहली बार मतदान को गर्व का क्षण बताया।
युवा अधिवक्ता शमशाद आलम, अशरफ जमाल, मोहम्मद नदीम और मोहम्मद नफीस ने आशा जताई कि यह चुनाव अधिवक्ताओं के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए मजबूत नेतृत्व देगा। पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र प्रसाद पांडे व पूर्व पुस्तकालय अध्यक्ष जमाल अख्तर का मानना है कि बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के इस चुनाव में अधिवक्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त किया और यह स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह सजग है।









































