टांडा/अंबेडकरनगर 09 मार्च, 2025
टांडा से जावेद सिद्दीकी वरिष्ठ पत्रकार, एडवोकेट की रिपोर्ट
उप जिलाधिकारी डॉ. शशि शेखर,पुलिस क्षेत्राधिकारी शुभम कुमार व टांडा कोतवाल दीपक सिंह की मौजूदगी में होने वाली शांति कमेटी की बैठक में मदरसा कंजुल उलूम के प्रबंधक तुफैल अख्तर जो एकजुट के सम्मानित सदस्य हैं प्रशासन के सामने उन्होंने एक ऐसी पहल की जिससे सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलता है। मदरसा परिसर में स्थापित बड़ी मस्जिद में जुमे की नमाज का समय अपराह्न 1ः00 का है लेकिन होली वाले दिन जुमा पड़ने से उस दिन जुम्मे की नमाज का वक्त बढ़ाकर 2ः00 बजे कर दिया गया है। होली के दिन जुमा नमाज़ की अजान पौने दो बजे होगी और जमात 2ः00 बजे अदा की जाएगी। यह फैसला मदरसा कंजुल उलूम प्रबंधक का ही नहीं रहा। बल्कि मदरसा मजरे हक के प्रबंधन हाजी अशफाक ने भी लिया है। शहर टांडा के इन दोनों मदरसों के प्रबंधक द्वारा लिया गया फैसला का अनुकरण अन्य मस्जिदों के मुतवल्ली व इमाम ने भी किया है। विशेष तौर ऐसी मस्जिद जो प्रमुख सड़क पर स्थित है। जिस मार्ग से होली का जुलूस जाना है। ऐसी सभी मस्जिदों में जुमा की नमाज उक्त समय पर ही होने की पूरी उम्मीद पाई जा रही है। सौहार्द को बढ़ावा देने वाले इस फैसले की जितनी सराहना की जाए कम है।
प्रशासनिक अलहकारों को त्योहार निपटाने का है पूरा अनुभव :
टांडा का प्रशासन जिसमें प्रमुख रूप से एसडीएम शशि शेखर , पुलिस क्षेत्राधिकार शुभम कुमार व कोतवाल दीपक सिंह है। उन्हें दोनों संप्रदाय के पर्वों को निपटाए जाने का पूरा अनुभव है। बीते होली के पर्व में भी यह मौजूद रहे। बस फर्क इतना था कि एसडीएम शशि शेखर बीते वर्ष की होली में टांडा के उप जिलाधिकारी न्यायिक थे। लेकिन त्योहारों को संपन्न कराए जाने की कमान उनके हाथ में भी थी। पुलिस क्षेत्राधिकार शुभम कुमार व कोतवाल दीपक सिंह में सलाहियत इतनी है कि वह अपनी अच्छी बात हर एक से मनवा लेते हैं। बड़ी गंभीरता से दोनों संप्रदाय के लोगों की समस्याओं को सुनते भी है। फिर आसानी से बीच का कोई रास्ता निकाल देते हैं। भले लोगों की का सम्मान भी वे अधिक करते हैं। इसलिए नागरिक आसानी से इनकी बात मान लेते हैं।
