लखनऊ/नई दिल्ली। 25 मार्च, 2026
नौशाद खां अशरफी/अभिषेक शर्मा राहुल
अमेरिका व इजरायल-ईरान युद्ध के मद्देनजर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से 5 दिन के लिए युद्ध विराम की घोषणा दरअसल झूठ, फरेब और छलावा ही निकला है। युद्ध विराम का झांसा देकर इन 5 दिनों के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी फौज को ईरान पर एक बड़े हमले की तैयारी में लगा दिया है। बड़े हमले से जुड़ी एक सीक्रेट प्लान जो ट्रंप का था, वह लीक हो गया है। ट्रंप के इस सीक्रेट प्लान के लीक होने से ईरान भी अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देने की तैयारी में जुट गया है। ऐसा माना जा रहा है कि अब होने वाली जंग में ईरान उन असलहों/ेहथियारों को निकालेगा जिसका अभी तक लड़ाई में उसने इस्तेमाल नहीं किया है।
कुछ रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने 5 दिन का युद्ध विराम की घोषणा करके ईरान को धोखा देने का काम किया है। उनका मानना है कि एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप युद्ध विराम वार्ता के लिए दिखावा कर रहे हैं और दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होरमुज तथा ईरान के सबसे बड़े तेल भंडार और निर्यात वाले खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए ही 5 दिनों का फर्जी युद्ध विराम किया है।
खास बात यह है कि अमेरिका का जंगी बेड़ा अब्राहम लिंकन, यूएसएस गेराल्ड व और यूएसएस ट्रिपोली जो फारस की खाड़ी से पीछे हटते हुए करीब 1700 किलोमीटर दूर जा चुका थे। अब यह तीनों जंगी बेड़ा धीरे-धीरे फारस की खाड़ी की ओर बढ़ने लगे हैं। स्ट्रेट ऑफ होरमुज के पास पहुंचने में इन तीनों जंगी बेड़ों को कम से कम 5 दिन का समय लगेगा। इसी को ध्यान में रखते ही यही डोनाल्ड ट्रंप ने झांसा देकर 5 दिन का युद्ध विराम का ढोंग रचा है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरीके से अमेरिका के एफ 35, बी1 व बी 2 एफ16 लड़ाकू विमानों को ईरान ने मार गिराया है। उसका काट भी अमेरिका ने अब ढूंढ निकाला है।
अब ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका अधिक ऊंचाई तक आसमान में उड़ान भरने वाले भारी बम वर्षक विमान बी 52 का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि और ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होरमुज तथा ईरान के सबसे बड़े तेल भंडार और निर्यात वाले खार्ग द्वीप पर कब्जा करने के लिए अमेरिका समुद्र, जमीन और हवाई मार्ग मतलब तीन तरफ से ईरान के खिलाफ बड़ा हमला करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अमेरिका के इस सीक्रेट प्लान को ईरान ने भांप लिया है। हो सकता है अब ईरान आने वाले दिनों में उन हथियारों का इस्तेमाल करेगा जो अब तक 28 फरवरी से जारी लड़ाई में नहीं किया है।
कुल मिलाकर अगले आने वाले 2 से 3 या यूं कहें 4 दिन पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम होंगे। कुछ एक्सपर्ट का यह भी मानना है कि यदि जमीनी लड़ाई हुई तो सैकड़ो हजारों की संख्या में अमेरिकी सैनिक भी मारे जाएंगे।










































