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	<title>स्वास्थ्य &#8211; News Floor</title>
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	<title>स्वास्थ्य &#8211; News Floor</title>
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		<title>यूपी में मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, 26 डॉक्टर बर्खास्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 03 Sep 2026 16:05:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[ड्यूटी से गायब रहने और चिकित्सीय दायित्वों में लापरवाही पर गिरी गाज, नौ डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कहा- दायित्वों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी है। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p><strong>ड्यूटी से गायब रहने और चिकित्सीय दायित्वों में लापरवाही पर गिरी गाज, नौ डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई</strong></p>



<p><strong>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर हुई कार्रवाई, कहा- दायित्वों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी</strong></p>



<p><strong>लखनऊ। </strong>सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी है। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामलों में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।</p>



<p>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित रहने और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई।</p>



<p>डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ड्यूटी से गायब रहने या चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>



<p>उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आईपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>



<p><strong>इन 26 डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई</strong></p>



<p>बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात थे। इनमें फर्रुखाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिले शामिल हैं।</p>



<p>बर्खास्त डॉक्टरों में फर्रुखाबाद के कायमगंज सीएचसी के डॉ. स्वदेश कुमार, अलीगढ़ के डॉ. वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर के स्त्री रोग विभाग की डॉ. स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बृजेश यादव, महोबा के ईएनटी सर्जन डॉ. ईशान दीक्षित और बुलंदशहर की डॉ. स्वाती आनंद शामिल हैं।</p>



<p>लखनऊ सिविल हॉस्पिटल के डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डॉ. मो. उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी के डॉ. मनीष खन्ना, बलरामपुर के डॉ. अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी के जनरल सर्जन डॉ. राकेश फौजदार और मीरजापुर के जनरल सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार जायसवाल पर भी बर्खास्तगी की कार्रवाई हुई है।</p>



<p>झांसी बबीना सीएचसी की डॉ. निशा बुंदेला, गाजीपुर के डॉ. अचल सिंह, बरेली के डॉ. शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रह्मपुर पीएचसी के डॉ. विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी के डॉ. इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद के डॉ. मोहम्मद शबाब खान और चंदौली के डॉ. राजेश कुमार सिंह भी बर्खास्त किए गए हैं।</p>



<p>मुरादाबाद के डॉ. मुजफ्फर अली, मैनपुरी के डॉ. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मुरादाबाद के डॉ. फरयाद हुसैन, मऊ के डॉ. तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डॉ. आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी के डॉ. सुशील कुमार खरवार और मुजफ्फरनगर के डॉ. कुंवर विक्रांत की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं।</p>



<p><strong>नौ डॉक्टरों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश</strong></p>



<p>उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ने अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य को इन मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।</p>



<p>इनमें इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ. केके चहल, मेरठ की डॉ. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डॉ. अवधेश राठौर, भदोही के डॉ. संतोष चक, बलरामपुर के डॉ. सुमित कुमार, भदोही के डॉ. धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के अरविंद मलिक और डॉ. असद शामिल हैं।</p>



<p>स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर सख्ती</p>



<p>स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि सरकार सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त है। ड्यूटी में गैरहाजिरी, आदेशों की अवहेलना या चिकित्सीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>H1N1 पर CM योगी का बड़ा निर्देश, सरकारी अस्पतालों में फ्री होगी जांच</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/10372</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 15:16:23 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच निःशुल्क कराई जाए। वहीं, निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों को निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली नहीं करने के निर्देश [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p class="has-black-color has-white-background-color has-text-color has-background has-link-color wp-elements-f5eb1b5e6d279c497a6bcb8ee097d64c"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच निःशुल्क कराई जाए। वहीं, निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों को निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार को उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की मौजूदगी में प्रदेश में H1N1 और सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था मजबूत करने तथा गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार रखने को कहा गया।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-99369c9f3ec1d7561558346e794d0f8f">स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 2 सितंबर तक प्रदेश में H1N1 के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार H1N1, इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का एक प्रकार है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। यह संक्रमण मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति की खांसी या छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूंदों के जरिए फैलता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और आंखों में लालिमा शामिल हैं।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-db86799f7e68868f2a1cf589912fcee7"><strong>सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टेस्ट</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-553b366167ee29c40c7119ae1287304e">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), मेडिकल कॉलेज और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में H1N1 की जांच मुफ्त उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने निजी चिकित्सा संस्थानों में भी जांच के लिए पहले से निर्धारित शुल्क का पालन सुनिश्चित कराने को कहा है।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-97658287ebaa9bfc55283d45328ab9ff"><strong>अधिक मामलों वाले जिलों में बढ़ेगी निगरानी</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-e1e1afe5347a9ff41713f9be2456507b">योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जिलों में H1N1 के मामले अधिक सामने आ रहे हैं, वहां निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, जांच की सुविधा और आइसोलेशन बेड उपलब्ध रखने के साथ गंभीर मरीजों के लिए अलग ICU वार्ड तैयार रखने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने H1N1 की रोकथाम और उपचार के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलिकन्सल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-9b1d539a9757e112fbcaa52eaef054a8"><strong>ANM और आशा कार्यकर्ताओं के जरिए चलेगा जांच अभियान</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-52d48d3174f53fb6782818447a7dbfb1">मुख्यमंत्री ने ANM, आशा कार्यकर्ताओं और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य संभावित मरीजों की जल्द पहचान कर उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है। सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाएगी। वहीं, गंभीर लक्षण वाले मरीजों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउंटर बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-a643ffc6b49c52b62727860909fc3a2f"><strong>बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष नजर</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-8dba69c7b75503db5600d008260fa93a">मुख्यमंत्री ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों पर विशेष ध्यान देने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मरीज की स्थिति के आधार पर रेफरल व्यवस्था बनाई जाए, ताकि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-e253add1b89eefcd9d5a1c72dd2a6aa4"><strong>सांस लेने में परेशानी को नजरअंदाज न करें</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-fbfd6fed8de0cbecd24d1170a9143ea9">विशेषज्ञों के मुताबिक सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम आना या नाखूनों का नीला पड़ना गंभीर लक्षण हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, खाना न खा पाना, झटके आना, तेज सांस चलना, सांस लेने में परेशानी या पहले से मौजूद बीमारी का बिगड़ना भी गंभीर संकेत माने जाते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को तत्काल चिकित्सकीय सहायता दिलाने की सलाह दी गई है।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-34258f4f696e46ea2b402e70f51f2670"><strong>दवाओं और वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-53b1a43801ba91e66260eb1bff2d3abd">बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा H1N1 वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिला अस्पतालों में हेल्प डेस्क, सैंपल कलेक्शन और अलग फ्लू OPD की व्यवस्था की गई है। मेडिकल कॉलेजों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जांच, दवाएं और आइसोलेशन बेड उपलब्ध हैं। जांच के लिए पर्याप्त RT-PCR किट होने की भी जानकारी दी गई। SGPGI, KGMU और राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ के अधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री को अपने संस्थानों में टेस्टिंग, उपचार और दवाओं की उपलब्धता की जानकारी दी।</p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color wp-elements-75de3c45efa1db3a6dc79a44b2569a6b"><strong>&#8216;पैनिक न फैलाएं, सही जानकारी दें&#8217;</strong></p>



<p class="has-black-color has-text-color has-link-color has-medium-font-size wp-elements-9e70cdded5c7fab05fc37595d0640296">मुख्यमंत्री ने H1N1 को लेकर जनजागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को सरल भाषा में यह बताया जाए कि संक्रमण से बचने के लिए क्या करना है और क्या नहीं करना है, ताकि अनावश्यक डर या पैनिक की स्थिति न बने। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खांसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में H1N1 की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए और किसी भी जिले में मामलों में अचानक बढ़ोतरी होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अस्पतालों के लिए खुशखबरी : पीएमजेवाई में सूचीबद्ध अस्पतालों को अब नहीं करना होगा इंतजार, पचास प्रतिशत अग्रिम भुगतान की गयी व्यवस्था, ग्रीन चैनल कांसेप्ट के तहत क्लेम करने के तुरंत बाद किया जायेगा आधा भुगतान</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/4031</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Feb 2023 14:14:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ। 03 फ़रवरी, 2023 आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सूचिबद्ध अस्पतालों के लिए ख़ुश ख़बरी है। आयुष्मान लाभार्थी के उपचार में खर्च होने वाले पैसों में से उन्हें तुरंत 50 प्रतिशत का भुगतान हो जायेगा, इससे उन्हें पैसे फसे होने का डर नहीं सताएगा और वह ज्यादा से ज्यादा आयुष्मान लाभार्थी को उपचार [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ। 03 फ़रवरी, 2023<br />
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में सूचिबद्ध अस्पतालों के लिए ख़ुश ख़बरी है। आयुष्मान लाभार्थी के उपचार में खर्च होने वाले पैसों में से उन्हें तुरंत 50 प्रतिशत का भुगतान हो जायेगा, इससे उन्हें पैसे फसे होने का डर नहीं सताएगा और वह ज्यादा से ज्यादा आयुष्मान लाभार्थी को उपचार दे पाएंगे।<br />
स्टेट हेल्थ एजेंसी ने ग्रीन चैनल कांसेप्ट की शुरुआत की है, जिसके तहत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को क्लेम के तुरंत बाद ही 50 प्रतिशत भुगतान करने की व्यवस्था की गयी है। इसका फ़ायदा वही अस्पताल उठा पाएंगे- जिनके खि़लाफ़ किसी प्रकार की धोखाधड़ी, अनुशासनात्मक कार्रवाई रजिस्टर न हो, एवं अस्पताल को सूचिबद्ध हुए छह महीने बीत गए हों, अस्पताल अग्रिम भुगतान के लिए जरुरी दस्त्वेजों के साथ क्लेम करने के लिए राजी होना चाहिए, संदिध स्थिति में पैसे वापस करने के लिए एक अंडरटेकिंग (वचन बद्धता) देना अनिवार्य होगा।</p>
<p>इस योजना के लागू होने से प्रदेश में योजना के अंतर्गत ईमानदारी से कार्य करने वाले चिकित्सालयों को प्रोत्साहन मिल सकेगाद्य चिकित्सालयों को समय से भुगतान मिलने से योजना के अंतर्गत चिकित्सा में गुणवत्ता में वृद्धि संभव होगी।</p>
<p>ग्रीन चैनल के प्रथम चरण में उत्तरप्रदेश में सूचीबद्ध 60 अस्पतालों को चिन्हित किया गया था, जिसमें में से 44 को यह लाभ दिया जा रहा है। 3.22 करोड़ का भुगतान ग्रीन चैनल के माध्यम से किया जा चुका है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 3300 अस्पताल सूचीबद्ध है, जिसमें से 2208 निजी अस्पताल है। ग्रीन चैनल की सुविधा जल्द ही अन्य अस्पतालों को भी मिलेगी, जो योजना हित में सुचारू रूप से बिना किसी अनियमितता के साथ कार्य कर रहे हैं।<br />
स्टेट हेल्थ एजेंसी किसी भी धोखाधड़ी, सही उपचार न देने की दशा में अस्पताल को ग्रीन चैनल कांसेप्ट के अंतर्गत अग्रिम भुगतान की व्यवस्था से बाहर कर देगी।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>एनटीडी दिवस पर पूरे प्रदेश में हुए विविध आयोजन</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/3656</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 30 Jan 2023 13:50:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रेणी के बिना]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[आयोजन • राजधानी लखनऊ में बनाई गई मानव श्रृंखला , अन्य जनपदों में हुए जागरूकता कार्यक्रम • एमडीए / आईडीए अभियान के दौरान फाइलेरिया की दवा खाने और खिलाने की दिलाई शपथ • पहली बार 10 जिलों मे फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्यों ने आगे आकर दवा खाने की अपील की • लखनऊ समेत 19 जनपदों [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आयोजन</p>
<p>• राजधानी लखनऊ में बनाई गई मानव श्रृंखला , अन्य जनपदों में हुए जागरूकता कार्यक्रम<br />
• एमडीए / आईडीए अभियान के दौरान फाइलेरिया की दवा खाने और खिलाने की दिलाई शपथ<br />
• पहली बार 10 जिलों मे फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्यों ने आगे आकर दवा खाने की अपील की<br />
• लखनऊ समेत 19 जनपदों में 10 फरवरी से शुरू होने जा रहा है एमडीए /आईडीए कार्यक्रम</p>
<p>&nbsp;</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="alignnone size-medium wp-image-3657" src="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230130-WA0016-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" srcset="https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230130-WA0016-300x169.jpg 300w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230130-WA0016-1024x576.jpg 1024w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230130-WA0016-768x432.jpg 768w, https://newsfloor.in/wp-content/uploads/2023/01/IMG-20230130-WA0016.jpg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<p>एनटीडी दिवस पर लखनऊ में लखनऊ विश्वविद्यालय, आईटी कालेज, आईटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल्स के छात्र छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाई।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>लखनऊ, 30 जनवरी 2023</p>
<p>नेगलेक्टेड ट्राफिकल डिजीज (एनटीडी) दिवस पर सोमवार को प्रदेश में विविध आयोजन हुए। इस दिवस पर राजधानी लखनऊ में जहाँ मानव श्रृंखला बनाई गई और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया वहीँ कानपुर, बलिया समेत अन्य जिलों में इस बीमारी के बारे में विविध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। आयोजनों में रोगियों के प्रति सद्भाव व्यक्त करने और एमडीए /आईडीए कार्यक्रम के दौरान सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने और खिलाने की शपथ दिलाई गई। लखनऊ समेत 19 जिलों में यह अभियान 10 फरवरी से शुरू होने जा रहा है।</p>
<p>राजधानी लखनऊ में मानव श्रृंखला बनाने से पहले उपस्थित छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों को संबोधित करते हुए डॉ. लक्ष्मण सिंह, महाप्रबंधक, एनएचएम ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर जनित बीमारी है। इसे हाथी पांव भी कहते हैं। यदि किसी को यह बीमारी हो जाती है तो वह पूर्णतया ठीक नहीं होती है। समुचित देख रेख के अभाव में व्यक्ति को जीवन भर के लिए दिव्यांग बना सकती है।<br />
सीएमओ डॉ मनोज अग्रवाल ने कहा की फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन ही इसका सही उपचार है। इसलिए सबलोग दवा सेवन करे और परिवार के सदस्यों को भी दवा सेवन कराएं इसी उद्देश्य से आज फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से लखनऊ विश्वविद्यालय पर मानव श्रंखला बनाई गई। इसमें जन सामान्य से 10 फरवरी से शुरू होने वाले आईडीए राउंड के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने की अपील की गई।</p>
<p>फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के तत्वाधान में स्वयंसेवी संस्था सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च (सीफार) के सहयोग से लखनऊ विश्वविद्यालय पर मानव श्रंखला बनाई गई। इसमें जन सामान्य से 10 फरवरी से शुरू होने वाले आईडीए राउंड के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने की अपील की गई। पहली बार 10 जिलों मे फाइलेरिया नेटवर्क के सदस्यों ने आगे आकर दवा खाने की अपील की | वहीं लोगो ने दवा खाने की अपील के साथ बने सेलफ़ी कार्नर के साथ फोटो भी खिचाई, कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय, आईटी कालेज के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल्स के छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।<br />
इसके अलावा पी सी आई संस्था के सहयोग से लखनऊ समेत सभी 19 जिलों मे राष्ट्रीय सेवा योजना, एन सी सी के स्वयं सेवकों के अलावा स्कूल-कालेज के छात्र- छात्राओं को संवेदित किया गया और कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं |</p>
<p>जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रितु श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी लोगों से फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस अभियान में दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती व गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्तियों को छोडकर सभी को दवा का सेवन कराना है। जिन व्यक्तियों में फाइलेरिया के कीटाणु रहते हैं उन्हें दवा के सेवन के बाद चक्कर आना, जी मिचलाना, उल्टी आना, हल्का बुखार आना आदि समस्याएं हो सकती हैं लेकिन इससे घबराना नहीं है। इसके बाद भी अगर कोई दिक्कत महसूस हो तो रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) से या निकटतम स्वास्थ्य कार्यकर्ता से संपर्क करें या पास के स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं। इस अभियान में दवा एएनएम, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य कर्मी अपने सामने ही दवा खिलाएंगे। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है।</p>
<p>इस मौके पर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ .सोमनाथ सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी योगेश रघुवंशी, सहयोगी संस्था डब्ल्यूएचओ, पीसीआई , पाथ, समर्थ और एविडेंस एक्शन के प्रतिनिधि और एनएसएस कोआडिनेटर डॉ. पीके गुप्ता और नर्सिंग एसोसिएशन के सदस्य व पदाधिकारी आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय, आईटी कालेज और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैरा मेडिकल्स के लगभग 300 छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया।<br />
क्या है एनटीडी दिवस<br />
राज्य वेक्टर जनित रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह ने बताया कि विश्व में हर वर्ष 30 जनवरी को एनटीडी दिवस मनाया जाता है । इस दिन को मनाने का अभिप्राय यह है कि विश्व के सारे लोग एनटीडी (नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिजीजेज़) के उन्मूलन के प्रति पूरी प्रतिबद्धता से जनांदोलन के रूप में कार्य करें। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज 20 रोग एवं रोगों का एक ऐसा समूह है जो विशेषकर ग़रीब समुदाय के लोगों पर विनाशकारी प्रभाव डालते हैं। नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज़ेज़ के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति प्रमुखता से सुलभ होने के लिए वर्तमान में विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत निवेश करने का सुअवसर है। एनटीडी में निवेश होने से स्वास्थ्य और परिणामस्वरूप अर्थव्यस्था में भी बेहतर सुधार हो सकते हैं। प्रदेश में कालाजार, लिम्फेटिक फाइलेरिया, कुष्ठ रोग, मिट्टी से फैलने वाला कृमि रोग और डेंगू कुछ प्रमुख एनटीडी हैं।</p>
<p>क्या कहता है आंकड़ा<br />
आंकड़ों के अनुसार दुनिया में लगभग हर पांच में से एक व्यक्ति नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज़ेज़ से प्रभावित क्षेत्र में रहता है और 20 नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज़ेज़ में भारत कई बीमारियों में पहले स्थान पर है। विश्व में लगभग 1.7 अरब लोग कम से कम किसी एक नेग्लेक्टेड ट्रॉपिकल डिज़ीज़ से प्रभावित क्षेत्र में रहते हैं। एनटीडी में लिम्फैटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) विसेरल लीशमैनियासिस) कालाजार, कुष्ठ रोग, डेंगू, चिकुनगुनिया, सर्पदंश, रेबीज़ जैसे 20 रोग शामिल होते हैं। इसकी रोकथाम संभव है। एनटीडी से ऐसी हज़ारों मृत्यु हो चुकी हैं, जिन्हें रोका जा सकता था। प्रभावित लोगों को असहनीय पीड़ा, विकृत, विकलांगता और सामजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ता है</p>
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		<title>पहल :  अब हर 15 को मनेगा एकीकृत निक्षय दिवस</title>
		<link>https://newsfloor.in/news_id/2925</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 08 Jan 2023 16:31:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[श्रेणी के बिना]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[लखनऊ, 08 जनवरी 2023 प्रदेश में अब हर 15 तारीख को निक्षय दिवस की जगह एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाएगा। इसमें एक ही छत के नीचे बहुत कम समय में क्षय रोग के साथ साथ कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार के मरीजों का इलाज हो सकेगा। शासन की ओर से जारी पत्र में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>लखनऊ, 08 जनवरी 2023</p>
<p>प्रदेश में अब हर 15 तारीख को निक्षय दिवस की जगह एकीकृत निक्षय दिवस मनाया जाएगा। इसमें एक ही छत के नीचे बहुत कम समय में क्षय रोग के साथ साथ कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार के मरीजों का इलाज हो सकेगा।<br />
शासन की ओर से जारी पत्र में निर्देशित किया गया है कि जिस तरह पहले हर 15 तारीख को निक्षय दिवस के अवसर पर क्षय रोगियों को चिन्हित कर जांच और इलाज की प्रक्रिया पूरी की जाती थी। इसी तरह अब इस दिवस को एकीकृत निक्षय दिवस के रूप में मनाते हुए क्षय रोग के साथ कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया और कालाजार के मरीजों पर यही व्यवस्था लागू होगी। इस दिवस को मनाने के पीछे उद्देश्य है कि मरीज का चिन्हांकन, जांच और इलाज एक ही दिन में शुरू हो। जिलों के समस्त स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर मरीजों का चिन्हांकन, जांच और इलाज सुनिश्चित करना होगा। इसके लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। बाद में यह पूरी व्यवस्था ई-कवच में शामिल करने की तैयारी है। इससे प्रदेश भर के मरीजों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी एक क्लिक पर ही मिल सकेगी।<br />
गौरतलब है कि कुष्ठ रोग, फाइलेरिया, मलेरिया, चिकनगुनिया को वर्ष 2030 और क्षय रोग को वर्ष 2025 तक प्रदेश से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित है। वहीं कालाजार उन्मूलन इसी वर्ष यानि 2023 तक खत्म करने का लक्ष्य तय है। प्रदेश में 51 जनपद फाइलेरिया और 6 जनपद कालाजार प्रभावित हैं। जबकि क्षय, कुष्ठ, मलेरिया और चिकनगुनिया के मरीज पूरे प्रदेश में मिल रहे हैं।</p>
<p>280187 मरीजों की हुई ओपीडी</p>
<p>15 दिसंबर 2022 को आयोजित निक्षय दिवस में कुल 280187 मरीजों की ओपीडी हुई। टीबी मामलों के 23096 सैंपल लिए गए। 17322 टीबी के टेस्ट किए गए। 700 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई। 2401 लोग बलगम की जांच में निगेटिव निकले। वहीं 211 लोगों को टीबी की एक्सरे जांच करवाने की सलाह दी गई। 911 क्षय रोगियों की बलगम और एक्सरे जांच दोनों हुई। 695 मरीजों का इलाज शुरू हो गया।</p>
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		<title>यूपी में जायडस टीका को मिली मंजूरी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 22 Dec 2021 06:19:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[•&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160; यूपी को जल्द मिलने जा रही है 33 लाख डोज •&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160; 28 दिन के अंतराल पर लगवानी होगी तीन डोज •&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160;&#160; अभी उपलब्ध है कोवैक्सीन, कोविशील्ड व स्पुट्निक का टीका लखनऊ, 22 दिसंबर 2021 ओमीक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। यूपी में [&#8230;]]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[
<p>•&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; यूपी को जल्द मिलने जा रही है 33 लाख डोज</p>



<p></p>



<p>•&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; 28 दिन के अंतराल पर लगवानी होगी तीन डोज</p>



<p></p>



<p>•&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp;&nbsp; अभी उपलब्ध है कोवैक्सीन, कोविशील्ड व स्पुट्निक का टीका</p>



<p></p>



<p>लखनऊ, 22 दिसंबर 2021</p>



<p>ओमीक्रॉन के बढ़ते संक्रमण के बीच उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। यूपी में भी जायडस कैडिला कंपनी का कोविड टीका जल्द उपलब्ध होने जा रहा है। इसकी आपूर्ति के लिए ऑर्डर भी दिया जा चुका है।</p>



<p>राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ अजय घई ने बताया कि 11 लाख लोगों के लिए जायडस कैडिला कंपनी की 33 लाख डोज उपलब्ध होने जा रही है। इस टीका को तीन डोज में लगाया जाएगा। जो 28 दिन के अंतराल पर लगवाना होगा यानि पहली डोज के 28 दिन बाद दूसरी डोज और दूसरी डोज के 28 बाद तीसरी डोज लगवानी होगी। इसके लिए प्रशिक्षण अंतिम चरण में है। डॉ घई ने बताया कि यह टीका 18 वर्ष से अधिक की उम्र वालों के लिए ही उपलब्ध होगा।</p>



<p>उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है इसलिए सभी लोग कोविड अनुरूप आचरण करें। टीकाकरण के बाद भी कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कोविड हेल्पलाइन 18001805145 पर सम्पर्क कर सकते हैं।</p>



<p>लखनऊ समेत 14 जिलों में मिलेगी सुविधा</p>



<p>महाप्रबंधक, टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य&nbsp; डॉ मनोज शुक्ल ने बताया कि प्राथमिक चरण में उत्तर प्रदेश के 14 जनपदों में जायडस कैडिला कंपनी का टीका उपलब्ध होगा। इसमें लखनऊ, आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, कानपुर नगर, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी शामिल हैं।</p>



<p>टीकाकरण का ग्राफ बढ़ा</p>



<p>कोविड के बदलते रूप से लड़ने के लिए जहां कोविड टीका ही मुख्य हथियार उपलब्ध है। वहीं कोविड टीका के प्रति आक्रामक रणनीति व कोविड-19 टीकाकरण के प्रति जागरूकता टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है। वहीं बिना अपाइंटमेंट के टीकाकरण व इसका प्रमाणपत्र व्हाट्सएप से निकालने जैसी सुविधा ने पूरी प्रक्रिया बहुत आसान कर दी है। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण करने वाली टीम अब स्प्लीट सत्र पर भी काम कर रही है। अभी तक 18 करोड़ डोज लगाई जा चुकी हैं। इसमें 1,98,87,213 कोवैक्सीन, 16,02,51,426 कोविशील्ड और 49,932 स्पुट्निक की डोज लगाई जा चुकी हैं।</p>



<p>वैक्सीन लगाते समय नहीं होगा दर्द</p>



<p>महाप्रबंधक, टीकाकरण एवं मातृ स्वास्थ्य डॉ मनोज शुक्ल ने बताया कि वैक्सीन सिरिंज की बजाय नीडल फ्री एप्लीकेटर के जरिए दी जाएगी. एप्लीकेटर का नाम &#8216;फार्माजेट&#8217; है. जायडस कैडिला की वैक्सीन निडिल की बजाए नीडल फ्री एप्लीकेटर की मदद से दी जाएगी। इस एप्लीकेटर से वैक्सीन लगने में दर्द नहीं होता साथ ही अन्य तरह के साइड इफेक्ट से भी बचा जा सकता है।&nbsp; वहीं कंपनी का दावा है कि जायडस कैडिला की कोरोना वैक्सीन जायकोव-डी करीब 25 डिग्री के तापमान पर 3 महीनों तक टिक सकती है। इससे वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज में आसानी होगी।</p>



<p>स्टोरी &#8211; लोकेश त्रिपाठी</p>
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